कर्मवीर महाविद्यालय में महिला सशक्तिकरण एवं आत्मरक्षा पर विशेष कार्यक्रम संपन्न हुआ

 

मूल  ( मेहुल मनियार )
शिक्षण प्रसारक मण्डल द्वारा संचालित कर्मवीर महाविद्यालय, मूल में राष्ट्रीय सेवा योजना +2 और मूल पुलिस स्टेशन के सहयोग से “महिला सशक्तिकरण एवं आत्मरक्षा” पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनीता वालके ने की। मुख्य मार्गदर्शक पुलिस उप निरीक्षक वर्षा नैताम, और मेश्राम, पुलिस कांस्टेबल थे। महाविद्यालय के पर्यवेक्षक प्रा. दिनेश बनकर भी मंच पर उपस्थित थे।
कार्यक्रम में छात्रों को पोक्सो अधिनियम और बाल संरक्षण अधिनियम पर विस्तृत मार्गदर्शन किया गया। महिलाओं को कानूनी जानकारी, आत्मरक्षा के तरीके और आत्मरक्षा के लिए आवश्यक मानसिक शक्ति के बारे में भी उपयोगी जानकारी दी गई।
छात्राओं से बातचीत करते हुए मुख्य मार्गदर्शक वर्षा नैताम ने कहा, “महिलाओं के विरुद्ध हिंसा रोकने के लिए महिलाओं को जागरूक और आत्मनिर्भर बनना होगा। वास्तविक सशक्तिकरण, कानून द्वारा प्रदत्त अधिकारों को पहचानना और उनका सही समय पर उपयोग करना है।”
पुलिस कांस्टेबल मेश्राम ने छात्राओं को संबोधित किया और कुछ वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से आत्मरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हमें डर पर काबू पाना होगा और अपने लिए खड़ा होना सीखना होगा। छोटी-छोटी सावधानियों से हम बड़ी आपदाओं से बच सकते हैं।”
प्राचार्या डॉ. अनीता वालके ने अपने अध्यक्षीय भाषण में छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि, “महिलाओं के शिक्षित और सशक्त होने से सम्पूर्ण समाज प्रगति करता है। महाविद्यालय सदैव छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए कार्यरत है। इस प्रकार की गतिविधियों से न केवल शैक्षणिक विकास होता है, बल्कि छात्राओं में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी जागृत होती है।”
पर्यवेक्षक प्रा. दिनेश बनकर ने इस पहल पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा, “यदि छात्रों को सही समय पर सही मार्गदर्शन मिले, तो वे समाज में जिम्मेदार नागरिक के रूप में खड़े हो सकते हैं। इस तरह की पहल से छात्रों में जागरूकता बढ़ती है।”

कार्यक्रम का संचालन रा से यो +2 के कार्यक्रम अधिकारी प्रा. राहुल बोधे ने किया और आभार प्रदर्शन रासेयो +2 के कार्यक्रम अधिकारी प्रा. अनिल शेलेकर ने दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।