पैतृक गांव में आगमन पर राज्य के मुख्यमंत्री का हुआ जंगी स्वागत

मुल ( मेहुल मनियार )

राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस का 2024 मे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पश्चात्‌ पहली बार अपने पैतृक ग्राम मे आगमन हुआ।दरअसल,अपनी चाची शोभाताई फड़नवीस के यहां नवरात्रि की पूजा मे शामिल होने आए मुख्यमंत्री ने यहां के शासकीय विश्राम गृह मे आयोजित कॉफी टेबल बुक के विमोचन कार्यक्रम मे भी हिस्सा लिया।

कार्यक्रम पश्चात्‌ मुख्यमंत्री मीडिया के साथ मुखातिब हुए।हालमे,राज्य मे उभरे बाढ़ के हालात के चलते विरोधियों द्वारा किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकर मुआवजा देने की मांग उठ रही है।इस पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि,संपूर्ण प्रशासन को सजग रहने के आदेश दिए गए है।इस आपदा के राहत हेतु 2000 करोड़ रुपये मुहैया किए जा चुके है।किसी भी तरह से आम लोगों का जीवन प्रभावित ना हो इस पर पैनी नजर रखी गई है। बाढ़ से जिनके भी घरों के नुकसान हुए है उन्हें रहने की व्यवस्था के साथ तत्काल 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद,राशन कीट आदि मुहैया किए जा रहे है।बाढ़ के कारण जानवर भी प्रभावित हुए है,इस कारण उनके चारे की एवं निवास की सुरक्षित व्यवस्था की जा रही है।आने वाले 2- 3 दिन कठिनाई भरे हो सकते है तो सभी को सचेत रहने की अपील की गई है।प्रभावित क्षेत्र के सभी जिलाधिकारी को जल्द से जल्द पंचनामा कर सकल नुकसान भरपाई देने के निर्देश दे दिए गए है,ऐसा उन्होंने कहा।
इस कार्यक्रम मे जिले के पालक मंत्री अशोक ऊइके,बल्लारपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुधीर मुनगंटीवार,चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक किशोर जोरगेवार,राजुरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक देवराव भोंगले,भाजपा जिला ग्रामीण अध्यक्ष हरीश शर्मा,जिलाधिकारी विनय गौडा आदि उपस्थित थे।
संपूर्ण शहर छावनी मे तब्दील हो गया था। पुलिस अधीक्षक मुमक्का सुदर्शन के मार्गदर्शन मे उप विभागीय पुलिस अधिकारी सत्यजित आमले के नेतृत्व मे शहर मे कड़ा बंदोबस्त रखा गया था।