Category: नर्सरी प्रबंधन
written by Chandrakant Maniyar | June 24, 2025
मूल:- ( प्रा. चंद्रकांत मनियार )
डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय, अकोला संलग्नित कृषि महाविद्यालय, मूल के छात्रों ने ग्रामीण जागरूकता कार्य अनुभव कार्यक्रम के तहत कोटगल के किसानों को धान की फसल के लिए गादी वाफा कैसे तैयार करें और इससे उन्हें क्या लाभ होगा, इस बारे में सारी जानकारी दी। छात्रों ने किसानों को बताया कि, अगर हम अपने खेतों में क्यारियाँ बनाकर पौध तैयार करें तो इससे भारी वर्षा होने पर भी जल निकासी में मदद मिलेगी। छोटे पौधों के मरने की दर कम होगी, खरपतवारों का प्रकोप कम होगा, कीटों और बीमारियों का प्रकोप कम होगा, जिससे रोपण के लिए स्वस्थ पौधे प्राप्त होंगे। इस बारे में किसानों ने कृषिदूतों से अपने प्रश्न पूछे और छात्रों ने उनके प्रश्नों के उत्तर दिए।

छात्रों ने गद्दा स्टीमर तैयार कर बताए तथा उन्हें उपयोग करने के बारे में मार्गदर्शन भी दिया।
इस अवसर पर रंजीत पाल सह अन्य किसान भी उपस्थित थे। इसके लिए कृषि महाविद्यालय के सह अधिष्ठाता डॉ. वी.जी. अतकरे के मार्गदर्शन में कृषिदूत बलवीर जुनग़री, प्रीतम धुर्वे, रोहित निघोट, अर्पित मेश्राम, कृष्णा आगलावे और चैतन्य कापगते ने विशेष कार्य किया।
कृषि अनुसंधान केंद्र सोनापुर के प्रभारी अधिकारी डॉ. युवराज खोबरागड़े, कृषि शास्त्र विषय विशेषज्ञ प्रा.मोहिनी पुनसे, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रमाकांत गजभिये तथा डॉ. अश्विनी गायधनी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।