कृषि अधिकारियों ने आर्मीवर्म द्वारा की गई क्षति का निरीक्षण किया

मुल

धान का कटोरा कहे जाने वाले मुल तहसील में धान ही प्रमुख फसल है।हाल मे खरीफ सीज़न के दौरान उगाई फसल कटाई के चरण में है।

बताया गया कि,अधिकांश गांवों में धान की फसल पर आर्मीवर्म का संक्रमण पाया गया है। उसके निरीक्षण हेतु चंद्रपुर के कृषि उपसंचालक चंद्रकांत ठाकरे,चंद्रपुर के उपविभागीय कृषि अधिकारी गजानन पवार, के.वी.के सिंदेवाही के वरिष्ठ वैज्ञानिक विनोद नागदेवते एवं तहसील कृषि अधिकारी सुनील कारडवार के मार्गदर्शन मे मंडल कृषि अधिकारी राठौड़,गजभिये,चट्टे, नेवरे,गोपवार की टीम ने ग्राम राजोली, डोंगरगांव, चिखली, चितेगांव, बेलघाटा के खेतों का दौरा कर किसानों का मार्गदर्शन किया।

दरअसल,वरिष्ठ वैज्ञानिक नागदेवते ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि यह कीड़ा टोलियों में फसल पर आक्रमण करता है। रात के समय चावल फसल की बालियों को कुतर देता है।अत: उसके टुकड़े जमीन पर गिर जाते हैं और दिन के समय यह फसल में छिप जाते हैं। इससे धान की फसल को 25 से 40 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने की आशंका बनी होती है। इसलिए किसान को समय रहते फसल पर इमॅमेक्टिन बेंजोएट या प्रोफेनोफोस या साइपरमेथ्रिन जैसे कीटनाशकों में से किसी एक का छिड़काव करना चाहिए और फसल को नुकसान से बचाना चाहिए। इस मौके पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान मौजूद रहे।

ज्ञात रहे,हाल ही में तहसील कृषि अधिकारी सुनील कारडवार ने अपना पदभार संभाला है।उनके लंबे समय के अनुभव से तहसील कृषि क्षेत्र में काफी तरक्की देखने को मिल सकती है,ऐसा बताया जा रहा है।