मूल के कृषि महाविद्यालय द्वारा किसान शास्त्रज्ञ मंच बैठक का आयोजन।

मूल  ( प्रा. चंद्रकांत मनियार)
डॉ.पंजाबराव देशमुख कृषी विद्यापीठ अकोला के तहत यहां के कृषि महाविद्यालय द्वारा नामदेव चलाख की खेती पर किसान शास्त्रज्ञ मंच की 18 वी बैठक आयोजित की गई थी। इस अवसर पर सहयोगी अधिष्ठाता डॉ.विष्णुकांत टेकाले , किसान शास्त्रज्ञ मंच के अध्यक्ष विजय गुरूनूले तथा कृषि विषयतज्ञ उपस्थित थे। इस बैठक में धान ,सोयाबीन तथा सब्जी उपज के तंत्रज्ञान के बारे में चर्चा हुई।डॉ. विष्णुकांत टेकाले ने अपने मार्गदर्शन में खेती की और व्यावसायिक दृष्टि से देखा जाए ऐसा बताते हुए, खेती उपज में आनेवाली परेशानियों को हिम्मत के साथ सुलझाने की बात कही। उन्होंने कहा कि केवल धान फसल पर निर्भर न रहते हुए अजवाइन, जीरा, सौफ आदि की उपज बढ़ानी चाहिए। कृषि विद्या शाखा की विषयतज्ञ प्रा. मोहिनी पुनसे ने मिट्टी के परीक्षण के साथ उसके लाभ बताएं। बुआई के पुर्व 3% नमक के द्रावण की बिज प्रक्रिया करने के बारे में और भुमि पर राख डालने के बारे में बताया। वनस्पति रोग शास्त्रज्ञ डॉ. गीतांशु डिंकवार ने चावल मे अजोला जैविक संवर्धक का नत्र स्थिरीकरण के लिए इस्तमाल से होने वाले लाभ बताएं। धान तथा अन्य सब्जियों की फसलों पर आने वाली बीमारियों के संबंध में भी मार्गदर्शन किया। डॉ.पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ द्वारा बनाए प्लांट डिसिज गाइड ऐप के संबंध में भी जानकारी दी। कीटक शास्त्र विषयतज्ञ डॉ. अर्चना बोरकर ने धान फसल के रोग और उनके व्यवस्थापन के बारे में बताते हुए कीटक नियंत्रण के संबंध में जानकारी दी। उद्यान विद्या शास्त्रज्ञ डॉक्टर स्वप्निल देशमुख ने अच्छी सब्जियों की उपज के बारे में बताते हुए जैविक आच्छादन का इस्तेमाल करने की सलाह दी। मंडप पद्धति का इस्तेमाल करने से उपज बढ़ती है, ऐसा कहा। विस्तार शिक्षण विषयतज्ञ डॉ. प्रीति दातीर ने किसानो की समस्याओं को जानकर उसकी सूचि बनाई, और उनकी मांग के अनुसार ट्राईकोडरमा और पीडीकेव्ही  द्रवरूप माइक्रो ग्रेड उपलब्ध किए जाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर 9 किसानों के मिट्टी के सैंपल लिए गए। इस बैठक में कृषि विभाग के कृषि सहायक आर एस जाधव, 24 किसान और शास्त्रज्ञ उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन तथा आभार प्रदर्शन डॉ. प्रीति दातिर ने किया।