नर भक्षक बाघ के हमले से दहशत में जी रहे किसान तथा नागरिकों ने मुख्य वन संरक्षक से भेंट की

मांग पूरी न होने पर आंदोलन करने का संतोष सिंह रावत ने इशारा दिया

मूल (  मेहुल मनियार)

किसान तथा नागरिकों में दहशत फैलाने वाले नरभक्षक बाघ का तत्काल बंदोबस्त करें, जानवरों के लिए चराई क्षेत्र का निर्माण करें, नरभक्षक बाघ के हमले में मृत हुए परिवार के किसी सदस्य को नौकरी मिले, और मृतक के परिवार को 75 लाख तथा घायल हुए व्यक्ति के लिए 25 लाख रुपये सहायता देने की मांग का ज्ञापन तहसील कांग्रेस कार्यकर्त्ताओ द्वारा मुख्य वन संरक्षक से भेंट करके दिया गया।कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष, विधायक सुभाष धोटे तथा जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के अध्यक्ष संतोष सिंह रावत के नेतृत्व में तहसील के केलझर, फुलझरी, चीचाला, मरेगांव, ताडाला, सुशी दाबगांव आदि गांव के नागरिकों ने मुख्य वन संरक्षक जितेंद्र रामगांवकर से भेंट करके विभिन्न मांगों का ज्ञापन दिया।

बताया गया कि, तहसील के कई गांव में नर भक्षक बाघ की दहशत फैली है।खौफ के चलते किसानों के खेती के कार्य प्रभावित हुए हैं, जिससे उनके समक्ष आर्थिक समस्या बनी है। इन सभी नागरिकों को वन विभाग द्वारा सहायता देने के बारे में संतोष सिंह रावत ने मुख्य वन संरक्षक रामगांवकर से चर्चा की। नागरिकों की सुरक्षा हेतू नर भक्षक बाघ का सप्ताह के भीतर बंदोबस्त करने का आश्वासन दिया।मृतक के परिवार को दी जाने वाली सहायता राशि में बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव सरकार की ओर भेजा जाएगा, इस बारे में उन्होंने बताया। वन विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारियों को मुख्यालय मे रहने का आदेश दिया जाएगा, ऐसा बताया। बाघ के हमले के मामलो का 24 घंटे के भीतर पंचनामा किया जाएगा, जिसमें लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी, ऐसा भी उन्होंने कहा। जानवरों की चराई हेतु आरक्षित क्षेत्र न होने से उन्हें चराई हेतु कहां भेजे, ऐसा सवाल भी चर्चा में उठाया गया।

इस अवसर पर विभागीय वन अधिकारी प्रशांत खाड़े,तहसील कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गुरुदास गुरुनूले,शहर अध्यक्ष सुनील शेरकी, कृषि उपज बाजार समिति के सभापति राकेश रत्नावार,संचालक संदीप कारमवार, किशोर घडसे, राजू मारकवार, आकापुर सरपंच भास्कर हजारे, कालिदास खोबरागड़े , कांतापेठ सरपंच वैशाली निकोडे , मरेगांव सरपंच ज्योत्सना पेंदोर, टोलेवाही उप सरपंच विकास येलमें, युवक कांग्रेस के तहसील अध्यक्ष पवन नीलमवार, प्रशांत उराडे,डॉ. पद्माकर लेनगुरे के साथ नर भक्षक बाघ के हमले में मृतक के परिवार तथा कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।