फर्जी पुलिस और पत्रकार बनकर अवैध वसूली कर रहे टोली का पर्दाफाश

मूल  ( मेहुल मनियार )

चंद्रपुर जिले के तहत पुलिस थाना क्षेत्र में फर्जी पुलिसकर्मी और पत्रकार बनकर वसूली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करके उन्हें गिरफ्तार करने की कार्रवाई मुल पुलिस स्टेशन अंतर्गत की गई।इस मामले में साकोली तहसील के बादल दुर्गा प्रसाद दुबे(उम्र 36) संगीता बादल दुबे(उम्र 27), देवेन्द्र चरणदास सोनावणे(उम्र 30) और अजय विजय उइके(उम्र 31),चंद्रपुर को गिरफ्तार किया है।इस गिरोह से 13,10,000/- रुपये की संपत्ति जब्त की गई।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार, इस मामले में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की करीब 12 लाख 50 हजार रुपए मूल्य की अर्टीका कार न .एमएच 34 सिजे 5824, 45 हजार रुपए मूल्य के तीन मोबाइल और 15000/-रू नगद ऐसे कुल 13,10,000 रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
इस मामले के बारे मे बताया गया कि, चिरोली निवासी सुरेश लक्ष्मण गणवेनवार (उम्र 36 वर्ष) ने शिकायत दर्ज की थी कि,03 जुलाई 2025 को,उपरोक्त आरोपी एक सफेद कार, एमएच 34 सीजे 5824 से चिरौली आकर शिकायतकर्ता के घर गए। चंद्रपुर का पुलिस गश्ती दल होने का फर्जी नाटक रचकर उनके घर में मिली बिना लाइसेंस वाली शराब के खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी दी। उनसे 15,000/- रुपये की मांग की और समझौते के बाद 10,000/- रुपये की फिरौती वसूल की। उसी प्रकार वे डोंगरगांव में एजाज शेख इब्राहिम शेख की अंडा दुकान पर भी गए और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी दी क्योंकि एक व्यक्ति उनकी दुकान में शराब पीते हुए पाया गया था।उनसे 10,000/- रुपये की मांग की और समझौते के बाद 5,000/- रुपये की फिरौती वसूल की।13 जुलाई को शिकायतकर्ता द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर मुल पुलिस थाने में धारा 308 (2),धारा 204, धारा 3 (5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इस मामले मे पुलिस अधीक्षक मुमक्का सुदर्शन,उपविभागीय पुलिस अधिकारी सुधाकर यादव,पुलिस निरीक्षक विजय राठौड़ के मार्गदर्शन में सपोनी सुबोध वंजारी, पोहवा भोजराज मुंडरे, ज़मीर खान पठान, चिमाजी देवकते ,नरेश कोडापे,शंकर बोरसरे,पूनम संदीप चौधरी आगे की जाँच कर रहे है।