कृषि महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा मृदा परीक्षण के बारे में जागरूकता पैदा करने हेतु किया उपक्रम

मूल  ( प्रा चंद्रकांत मनियार )

डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय, अकोला, संलग्नित मूल के कृषि महाविद्यालय, की अंतिम वर्ष की छात्राएं कु हर्षिता पाटिल, कु कल्याणी चौधरी, कु रोहिणी कांबले, कु रिया फुलझेले, कु श्वेता शिरसागर ने ग्रामीण कृषि अनुभव (आरएडब्ल्यूई) कार्यक्रम के अंतर्गत कनेरी गांव में मिट्टी परीक्षण और मिट्टी नमूना संग्रह गतिविधि का उपक्रम किया।
इस उपक्रम के तहत छात्राओं ने किसानों के खेतों से मिट्टी के नमूने एकत्र किए और उन्हें प्रयोगशाला में भेजा। इस परीक्षण से किसानों को उनकी मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम, कार्बनिक कार्बन, पीएच आदि के बारे में जानकारी मिलेगी। इसके आधार पर किसान विज्ञान आधारित उर्वरक प्रबंधन कर सकेंगे और फसल उत्पादन बढ़ा सकेंगे।
इस वक्त किसान घनश्याम कोलते ने कहा, “मृदा परीक्षण से टिकाऊ खेती में मदद मिलेगी और उर्वरकों के अंधाधुंध उपयोग पर अंकुश लगेगा।”
इस सराहनीय उपक्रम में गांव के सरपंच, कृषि सहायक, ग्राम सेवक और अन्य किसानों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। ग्रामीणों ने छात्रों की पहल की सराहना की और कहा कि इस तरह के सक्रिय कार्य से किसानों को बहुत लाभ होगा।