मूल के कृषि महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का गड़ीसुरला में किया आयोजन

7 दिवसीय शिविर का उद्घाटन संपन्न हुआ।

मूल: ( प्रा. चंद्रकांत मनियार )

डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत मूल के कृषि महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना का विशेष शिविर, गडीसुर्ला में आयोजित किया गया है। 7 दिवसीय इस शिविर का उद्घाटन न . प. के पुर्व उपाध्यक्ष नंदकिशोर रणदिवे  ने किया।अपने उद्घाटन भाषण में उन्होंने कहा कि, शिविरार्थियों को गांव के काम के लिए नई कृषि तकनीक का प्रचार-प्रसार करना चाहिए और किसानों की समस्याओं को समझकर गांव के विकास का काम करना चाहिए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि गडीसुरला की सरपंच सौ .शारदाताई संजय येनुरकर ने मार्गदर्शन करते हुए शिविरार्थियों को बहुत कुछ सीखने, बड़े होने और सामाजिक कार्य करते रहने की हिदायत दी। उद्घाटनपर कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं महाविद्यालय के सहयोगी अधिष्ठाता डाॅ. विष्णुकांत टेकाले ने “मेरे भारत की युवा और डिजिटल साक्षरता” अवधारणा पर आधारित यह शिविर होने के बारे मे बताया।।
इस शिविर में शिविरार्थियों को विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ द्वारा मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा, यह बताते हुए किसानों की सभी समस्याओं की जानकरी हासिल करके ,ग्रामीणों को विश्वविद्यालय की कृषि तकनीक के बारे में बताया जाए, ऐसा कहा। आगे कहा कि, विद्यापीठ द्वारा विकसित विभिन्न ऐप्स किसानों के मोबाइल में स्थापित किया जाए। इस मौके पर तकनीक का प्रसार करने की भी अपील की।
इस कार्यक्रम में संजय गांधी निराधार योजना की अध्यक्ष सौ.वन्दनाताई अगरकाटे ने कहा कि, गांव में रहते वक्त समझौता किए जाने का शिविरार्थियों को मार्गदर्शन कीया। जीवन में हरदम को समझौता करना पड़ता है, यह बताया। जिला परिषद शाला के मुख्याध्यापक सुरेश टिकले ने
शिविर को सफल बनाने में सभी प्रकार से सहयोग करने की बात कही।
इस कार्यक्रम की प्रस्तावना रासेयो के कार्यक्रम अधिकारी प्रो. नागेश नवघरे ने रखी।
इस उद्घाटन कार्यक्रम में उद्यान विद्या प्रमुख डाॅ. रमाकांत गजभिये, सौ .करिश्माताई वाढ़ई, ग्राम पंचायत गडीसुरला के उपसरपंच, और 26 रासेयो स्वयंसेवक एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

इस सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया है, जिसमें सुबह में योगाभ्यास, ग्रामीण समस्याओं के बारे में जानने के लिए प्रार्थना, ग्रामीण विकास गतिविधियाँ, विभिन्न पथनाट्य और कृषि छात्रों के साथ बौद्धिक सत्र और ग्रामीण विकास संगोष्ठी, कृषि क्षेत्र में मोबाइल ऐप का उपयोग, कृषि के नकारात्मक प्रभाव के साथ बच्चों के जीवन पर मोबाइल ऐप, जैविक खेती, व्यक्तित्व विकास, उपभोक्ता जागरूकता, समय की मांग, ग्रामीण उद्योग में राष्ट्रीयकृत बैंकों का योगदान, कृषि क्षेत्र में डिजिटल प्रौद्योगिकी जागरूकता, गांव के काम में भागीदारी के माध्यम से गांव का मूल्यांकन, युवाओं की भागीदारी,कृषि क्षेत्र, पशुओं के टीकाकरण जैसे विभिन्न मार्गदर्शन पर कार्यक्रम का आयोजन किया हैं। इस रासेयो विशेष शिविर में कुल 26 शिविरार्थियों ने भाग लिया। शिविर की सफलता के लिए रासेयो कार्यक्रम अधिकारी प्रा. नागेश नवघरे, प्रा. मनीषा लवनकर, डाॅ. खुशाल राठौड़, डाॅ. सुवर्णा नगराले, डॉ. अक्षय इंगले और अन्य प्रोफेसर कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उद्घाटन कार्यक्रम का संचालन प्रा. मनीषा लवनकर ने और आभार प्रदर्शन डॉ. सुवर्णा नगराले ने किया।