मूल के कृषि महाविद्यालय में विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के सम्बन्ध मे प्रेरक व्याख्यान का आयोजन

 

मुल : ( प्रा. चंद्रकांत मनियार )
डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय, अकोला संलग्नित मूल के कृषि महाविद्यालय, के विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन देने के लिए महाविद्यालय के सहयोगी अधिष्ठाता डॉ. वी. जी. अतकरे तथा उद्यानिकी विभाग के प्राध्यापक डॉ. आर. पी. गजभिये के मार्गदर्शन में प्लेसमेंट सेल तथा प्रतियोगी परीक्षा मंच की नव स्थापना की गई है। बताया गया कि, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा आयोजित जूनियर रिसर्च फैलोशिप सीनियर रिसर्च फैलोशिप तथा कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल द्वारा आयोजित कृषि वैज्ञानिक जैसी विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में कृषि महाविद्यालय द्वारा सहायता दी जाएगी। इसी के उपलक्ष्य में 04 जुलाई को मृदा विज्ञान के कृषि अनुसंधान शास्त्रज्ञ डॉ. प्रतीक रामटेके को मार्गदर्शन के लिए आमंत्रित किया गया। उनके साथ उनकी पत्नी डॉ. आकांक्षा हुमने भी मौजूद थीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. वी. जी. अतकरे ने की।


कार्यक्रम की अध्यक्षता उद्यानिकी विभाग के प्राध्यापक डॉ. आर.पी. गजभिये ने की। महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक (मृदा विज्ञान) नागेश नवघरे ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मार्गदर्शक डॉ. प्रतीक रामटेके का संक्षिप्त परिचय दिया। मुख्य अतिथि एवं मार्गदर्शक डॉ. रामटेके ने “जेआरएफ, एसआरएफ एवं कृषि अनुसंधान वैज्ञानिक परीक्षा तैयारी” विषय पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को यह परीक्षाए क्यों है, कौन सी संस्थाएं इन्हें आयोजित करती हैं, शैक्षणिक योग्यता क्या है, अंकों का वितरण कैसा है, इसकी तैयारी कैसे करें, विषय का चयन कैसे करें, लक्ष्य के प्रति निष्ठावान रहें तथा अध्ययन में निरंतरता बनाए रखें आदि विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से बीएससी (ऑनर्स) कृषि पाठ्यक्रम में विषयों का गहन अध्ययन करने तथा नियमित एवं एकाग्रता के साथ अध्ययन करने की अपील भी की। विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर दिया गया तथा उनका उचित मार्गदर्शन किया गया। सफलता के अपने अनुभव से उन्होंने कहा कि, “संकल्पनाओं को बिना किसी हिचकिचाहट के समझें।
उन्होंने कहा, “लक्ष्य निर्धारित करें और केवल व्याख्यानों तक प्रेरित न होते हुए नियमित रूप से अध्ययन करें।” उन्होंने बताया कि, एक छात्र के जीवन में कॉलेज परिसर कितना महत्वपूर्ण है, यह बताया। उन्होंने विभिन्न उदाहरण देते हुए कहा कि, यदि आप असफल भी होते हैं, तो आपको निराश नहीं होना चाहिए और नई ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना चाहिए। सफलता निश्चित रूप से आपके पास आएगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और मार्गदर्शक डॉ प्रतीक रामटेके को कृषि महाविद्यालय की ओर से ओर से मेडल देकर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में बीएससी (ऑनर्स) कृषि के सभी सत्रों के छात्रों के साथ-साथ कॉलेज के सभी प्राध्यापको ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस कार्यक्रम का संचालन वनस्पति रोगशास्त्र के सहायक प्राध्यापिका और प्रतियोगी परीक्षा मंच के सदस्य सचिव डॉ गीतांशु डिंकवार ने किया और कार्यक्रम का समापन डॉ अक्षय इंगोले, सहायक प्रोफेसर (मृदा विज्ञान) के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।