Category: मार्गदर्शन
written by Chandrakant Maniyar | January 30, 2025

मूल ( मेहुल मनियार)
महात्मा गांधी की पुण्य तिथि के अवसर पर कर्मवीर महाविद्यालय, में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास हेतु सहज योग ध्यान अभ्यास एवं बोर्ड परीक्षा में गलत तरीकों से लड़ने के विषय पर एक विशेष मार्गदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गतिविधि में ध्यान के माध्यम से मानसिक स्थिरता बनाए रखने और परीक्षा में सफलता पाने के उपायों पर गहन चर्चा की गई।
प्राचार्य डाॅ. अनिता वालके की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पर्यवेक्षक प्रा. दिनेश बनकर थे । विशेष मार्गदर्शन नेहरू कनिष्ठ महाविद्यालय चिमूर के प्रा.वाकडे द्वारा किया गया । कार्यक्रम का संचालन प्रा. सागर मासिरकर ने प्रभावी ढंग से किया। कार्यक्रम की प्रास्ताविक रखते हुए पर्यवेक्षक प्रा. दिनेश बनकर ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और मौन के महत्व के बारे मे बताया। मुख्य मार्गदर्शक प्रा. वाकडे ने परीक्षा में छात्रों की सफलता के लिए सहज योग ध्यान का महत्व बताते हुए छात्रों को परीक्षा के तनाव को दूर करने और पढ़ाई में अधिक एकाग्रता हासिल करने के लिए सहज योग ध्यान का उपयोग करने के व्यावहारिक तरीके से मार्गदर्शन किया।
आगे बताया कि, ध्यान का अभ्यास करने से छात्रों की याददाश्त में सुधार होता है, आत्मविश्वास मजबूत होता है और परीक्षा के दौरान सकारात्मक मानसिकता विकसित होती है।
प्राचार्य डाॅ. अनिता वालके ने अपने मार्गदर्शन में परीक्षा में गलत तरीके का उपयोग करने के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता, विद्यार्थियों में नैतिकता एवं ईमानदारी के मूल्यों को विकसित करने हेतु परीक्षा में कदाचार से होने वाले नुकसान पर प्रकाश डाला गया। गलत तरीकों से हासिल की गई सफलता ,अस्थायी होती है और इसका प्रभाव लंबे समय तक नहीं रह सकता। इसलिए इस कार्यक्रम द्वारा यह संदेश दिया गया है कि, विद्यार्थी परीक्षा का सामना पूरी ईमानदारी से करने का संकल्प लें। कार्यक्रम में कॉलेज के छात्र-छात्राओं और प्राध्यापको की उपस्थिति रही। छात्रों ने सहज योग ध्यान के बारे में सकारात्मक प्रतिक्रिया दी क्योंकि उन्होंने इसका प्रत्यक्ष अनुभव किया।
इस कार्यक्रम ने छात्रों को परीक्षा के तनाव को कम करने की तकनीकों, स्वास्थ्य में सुधार के तरीकों और नैतिक मूल्यों का पालन करने के महत्व से अवगत कराया। कई विद्यार्थियों ने सफल भविष्य के लिए महात्मा गांधी के विचारों को अपनाकर सत्य, अहिंसा और ईमानदारी के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।