मूल के कृषि महाविद्यालय कृषक वैज्ञानिक मंच की 28 वी बैठक संपन्न

मूल: ( प्रा.चंद्रकांत मनियार )
यहां के कृषि महाविद्यालय, द्वारा 29 अप्रैल 2025 को तहसील के ग्राम चिचाला में किसान वैज्ञानिक मंच की 28वीं बैठक का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चिचाला के ग्राम सदस्य सौराज ईटकलवार, अन्य किसान एवं कृषि महाविद्यालय, मूल के विषय विशेषज्ञ उपस्थित थे। इस बैठक में मुख्य रूप से “कृषि-सहायक व्यवसाय एवं मृदा परीक्षण” विषय पर चर्चा हुई। इस अवसर पर महाविद्यालय के सहयोगी अधिष्ठाता डॉ. विष्णुकांत टेकाले ने कहा कि, यदि किसान प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के माध्यम से कृषि संबंधी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं तो इस संबंध में किसानों का मार्गदर्शन किया जाएगा। किसानों को विश्वविद्यालय द्वारा निर्मित कृषि प्रौद्योगिकी को अपनाना चाहिए।
मृदा विज्ञान विभाग एवं कृषि रसायन विज्ञान विभाग के विषय विशेषज्ञ डॉ. अक्षय इंगोले ने किसानों को खेत से मिट्टी परीक्षण के लिए मिट्टी के नमूने कैसे लें, मिट्टी परीक्षण कहां किया जाता है और इसके क्या फायदे हैं, के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सभी किसानों को सुझाव दिया गया कि गर्मी के मौसम में मिट्टी का परीक्षण अवश्य कराएं तथा उर्वरक की मात्रा मिट्टी परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार ही डालें।

कृषि विद्या विभाग की सहायक  प्रा. मोहिनी पुनसे ने किसानों को वर्मीकम्पोस्टिंग परियोजना कैसे शुरू करनी चाहिए और इसके लाभ के बारे में जानकारी दी। यह भी बताया कि, उक्त परियोजना कॉलेज में शुरू की जा रही है, उन्होंने किसानों को मिट्टी की उर्वरता के लिए कार्बनिक पदार्थों के महत्व के बारे में भी समझाया। बागवानी विशेषज्ञ डॉ. अश्विनी गायधनी ने फल एवं सब्जी फसलों का उचित बाजार मूल्य नहीं मिलने पर सब्जी फसलों के मूल्यवर्धित उत्पाद कैसे तैयार करें, इस पर मार्गदर्शन दिया, ताकि किसान अच्छा लाभ प्राप्त कर कृषि व्यवसाय कर सकें। रोग शास्त्र विभाग के विषय विशेषज्ञ डॉ. गीतांशु डिंकवार ने न्यूनतम लागत पर धान के भूसे ( तनस ) का उपयोग करके विभिन्न प्रकार के मशरूम का उत्पादन करने के बारे में विस्तृत मार्गदर्शन दिया। दैनिक जीवन में मानव स्वास्थ्य के लिए मशरूम के लाभों के बारे में बताया। इसके बाद सहायक प्राध्यापक कृषि विद्या विषय विशेषज्ञ देवानंद कुसुम्बे ने महाराष्ट्र सरकार की फार्म योजना का लाभ उठाकर किस प्रकार फार्म का निर्माण किया जा सकता है और मछली पालन को किसानों के लिए पूरक व्यवसाय के रूप में कैसे किया जा सकता है, इस पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
इस अवसर पर ग्राम चिचाला के ग्राम पंचायत सदस्य श्री सौरज ईटकलवार को कृषि महाविद्यालय के द्वारा उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट उपहार में दिया गया। कार्यक्रम में कुल 16 किसान और 6 वैज्ञानिक शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन और आभार प्रदर्शन कृषि विस्तार शिक्षा विभाग की सहायक प्रा. मनीषा लवनकर ने किया ।