Category: बाघ का बंदोबस्त
written by Mehul maniyar | April 13, 2025
मुल
पिछले सात महीनों से सावली वन क्षेत्र के सावली और मुल तहसील में दहशत मचाने वाली बाघिन के 3 शावक को कैद करने मे सांवली वन विभाग को आखिरकार सफलता हासिल हुई है।
विदित रहे उक्त नर-भक्षी बाघिन पहले चार लोगों को हताहत कर चुकी है और 3 लोगों को घायल कर चुकी है।जिस कारण उस बाघिन को ट्रैप लगाने पश्चात् चौथे दिन(9 अप्रैल) को पकड़ लिया गया और उसके तीन शावकों को सातवें दिन यानी 12 अप्रैल को कैद कर लिया गया।
यह कार्रवाई मुख्य वन संरक्षक डॉ. जितेंद्र रामगांवकर,चंद्रपुर के प्रभागीय वन अधिकारी प्रशांत खाड़े के मार्गदर्शन में चंद्रपुर के सहायक वन संरक्षक विकास तरसे,वन परिक्षेत्र अधिकारी सावली क्षेत्र विनोद धुर्वे के नेतृत्व में क्षेत्र सहायक सुरेंद्र वाकडोत,नंदकिशोर पाटिल,रवि सूर्यवंशी,अनिल मेश्राम, वन संरक्षक राजू कोडापे, सतीश नागोसे, श्रीराम आदे, लंकेश अखाडे, महादेव मुंडे, भोला सोनीकर, बोनलबार, खुडे, कराड, गोडशेलवार, महेश अहिरकर, उइके, गुरनुले, राजू मुरकुटे, रवि कालसर, तुषार, सुरेश तथा आरआरटी समूह ने बहुमूल्य सहयोग प्रदान किया।जबकि ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व के पशुधन विकास अधिकारी डॉ.रविकांत खोबरागड़े और ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व,चंद्रपुर के शूटर अजय मराठे ने कड़ी मेहनत के साथ 3 शावकों को बेहोश कर पकड़ लिया।
पिछले लंबे अर्से से क्षेत्र के नागरिकों मे दहशत का माहौल बना हुआ था जिस कारण किसानों, चरवाहों एवं मजदूरों को अपना काम भी जान हथेली पर रख करना पड़ता था। परंतु, अब उन्होंने चैन की साँस ली है। इसलिए ग्रामीणों ने समस्त वन विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया है।