मूल के कृषि महाविद्यालय की छात्राओं ने किसानों के खेतो में बिज प्रसंस्करण प्रदर्शन का किया आयोजन

 

मूल ( प्रा चंद्रकांत मनियार )
ग्रामीण जागरूकता कार्य अनुभव ( RAWE ) कार्यक्रम के तहत, कृषि महाविद्यालय, मूल की अंतिम वर्ष की छात्राएं कु हर्षिता पाटिल, कु. कल्याणी चौधरी, कु. रोहिणी कांबले, कु. रिया फुलझेले और कु. श्वेता शिरसागर ने गढ़चिरौली जिले के कनेरी गांव के किसान श्यामराव कोलते, घनश्याम कोलते और अन्य किसानों के खेतों पर बीज प्रसंस्करण पर एक प्रदर्शन का आयोजन किया।
इस प्रदर्शन में लवणीय घोल, थाइरम, ट्राइकोडर्मा, एजोटोबैक्टर तथा पी.एस.बी. (फॉस्फेट घुलनशील जीवाणु) का प्रयोग करके बीजोपचार किया गया। इन आधुनिक विधियों का उद्देश्य बीज अंकुरण क्षमता को बढ़ाना, बीजों को फफूंद जनित रोगों से बचाना तथा मृदा में सूक्ष्म जीवों के संतुलित प्रयोग द्वारा उत्पादन क्षमता को बढ़ाना था।
इस उपक्रम के लिए सहयोगी अधिष्ठाता डॉ. वी. जी. अतकरे के साथ-साथ डॉ. युवराज खोबरागड़े, डॉ. अश्विनी गायधनी और कु.मोहिनी पुनसे ने किया। छात्राओं ने किसानों को प्रत्येक प्रक्रिया के बारे में बताया और टिकाऊ कृषि के लिए बीज प्रसंस्करण के महत्व पर प्रकाश डाला। किसानों ने छात्रों के प्रयासों की सराहना की और राय व्यक्त की कि इससे प्राप्त जानकारी निश्चित रूप से उनकी खेती में उपयोगी होगी।

RAWE जैसे कार्यक्रम छात्रों को खेती में केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी देते हैं। इससे किसानों, छात्रों और वैज्ञानिकों के बीच संवाद मजबूत होता है और कृषि में नए प्रयोगों और आधुनिक तकनीकों को शामिल करने में मदद मिलती है। छात्रों को ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविकता को समझने का अवसर मिलता है, जो उनके भविष्य के कृषि करियर के लिए बहुत मूल्यवान है।