Category: Uncategorized,मृदा परीक्षण
written by Chandrakant Maniyar | June 17, 2025

मूल ( प्रा.चंद्रकांत मनियार )
पंजाबराव कृषि विश्वविद्यालय आकोला सलंग्नित यहां के कृषि महाविद्यालय की छात्राओं ने गढ़चिरौली जिले के इंडाला गांव में मिट्टी के नमूने एकत्रित करने का कार्य किया तथा किसानों को मिट्टी परीक्षण का महत्व समझाया। मिट्टी परीक्षण का महत्व समझाते हुए छात्राओं ने कहा कि, मिट्टी परीक्षण से मिट्टी में पोषक तत्वों की मात्रा की जांच की जा सकती है। रासायनिक खाद का संतुलित उपयोग किया जा सकता है। मिट्टी के स्वास्थ्य और उर्वरता को बनाए रखा जा सकता है तथा उर्वरकों के संतुलित उपयोग से किसानों का उत्पादन बढ़ाने और अतिरिक्त लागत को कम करने में निश्चित रूप से मदद मिलेगी। इस कृषि महाविद्यालय की छात्राओं ने गांव के नामित किसानों के खेतों से मिट्टी के नमूने एकत्रित किए तथा जल्द ही उनका परीक्षण कर संबंधित किसानों को अपनी रिपोर्ट देंगी।
इस रिपोर्ट की मदद से किसान अपनी खेती के लिए और भी महत्वपूर्ण निर्णय ले सकेंगे।
यह गतिविधि कृषि महाविद्यालय की छात्रा कु .चैताली बेलेकर, कु .मीनल चव्हाण, कु .जान्हवी देवकर और कु .विपश्यना गावंडे द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न की गई।
इन छात्राओं के साथ कृषि महाविद्यालय, मुल के हालही में पदभार संभाले सहयोगी अधिष्ठाता डॉ. वी. जी. अतकरे सर और मृदा शास्त्रज्ञ डॉ. अक्षय इंगोले सर से पूर्व नियोजित मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
इस पहल से किसानों में वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूकता बनी है और कृषि महाविद्यालय, मूल के छात्राओं के प्रयासों की ग्रामीणों ने दिल से सराहना की है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि को और अधिक वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाने की दिशा में एक आशाजनक कदम साबित हो रही है।