Thursday, October 22, 2026
Homeनर्सरी प्रबंधनधान की फसल के लिए नर्सरी प्रबंधन पर कृषि महाविद्यालय के कृषि...
Breaking News

लोकहित समाचार मध्ये प्रसिद्ध झालेल्या बातमीतील लेखांतील आणि पत्रांतील मते संबंधित वार्ताहराची व लेखकाची असून लोकहित समाचार संपादक प्रकाशक अथवा मालक यांचा त्या मतांशी काहीही संबंध नाही. या मधील जाहिराती या जाहिरातदाराने दिलेल्या माहितीवर आधारित असतात. बातमी लेख व जाहिरातीतील मजकुराची वैधता लोकहित समाचार पाहू शकत नाही बातमी लेख व जाहिरातीतून उद्भवणाऱ्या कोणत्याही विषयाला जबाबदार संबंधित वार्ताहर लेखक किंवा जाहिरातदारच आहे.

धान की फसल के लिए नर्सरी प्रबंधन पर कृषि महाविद्यालय के कृषि दूतों ने किया मार्गदर्शन

image_pdfimage_print

 

मूल:-  ( प्रा. चंद्रकांत मनियार )
डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय, अकोला संलग्नित कृषि महाविद्यालय, मूल के छात्रों ने ग्रामीण जागरूकता कार्य अनुभव कार्यक्रम के तहत कोटगल के किसानों को धान की फसल के लिए गादी वाफा कैसे तैयार करें और इससे उन्हें क्या लाभ होगा, इस बारे में सारी जानकारी दी। छात्रों ने किसानों को बताया कि, अगर हम अपने खेतों में क्यारियाँ बनाकर पौध तैयार करें तो इससे भारी वर्षा होने पर भी जल निकासी में मदद मिलेगी। छोटे पौधों के मरने की दर कम होगी, खरपतवारों का प्रकोप कम होगा, कीटों और बीमारियों का प्रकोप कम होगा, जिससे रोपण के लिए स्वस्थ पौधे प्राप्त होंगे। इस बारे में किसानों ने कृषिदूतों से अपने प्रश्न पूछे और छात्रों ने उनके प्रश्नों के उत्तर दिए।


छात्रों ने गद्दा स्टीमर तैयार कर बताए तथा उन्हें उपयोग करने के बारे में मार्गदर्शन भी दिया।
इस अवसर पर रंजीत पाल सह अन्य किसान भी उपस्थित थे। इसके लिए कृषि महाविद्यालय के सह अधिष्ठाता डॉ. वी.जी. अतकरे के मार्गदर्शन में कृषिदूत बलवीर जुनग़री, प्रीतम धुर्वे, रोहित निघोट, अर्पित मेश्राम, कृष्णा आगलावे और चैतन्य कापगते ने विशेष कार्य किया।

कृषि अनुसंधान केंद्र सोनापुर के प्रभारी अधिकारी डॉ. युवराज खोबरागड़े, कृषि शास्त्र विषय विशेषज्ञ प्रा.मोहिनी पुनसे, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रमाकांत गजभिये तथा डॉ. अश्विनी गायधनी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।

image_print
Mehul Chandrakant Maniyar
90396656609039665660
संबंधित खबरे

ताज्या बातम्या

लोकप्रिय खबरे

error: Content is protected !!