Friday, August 21, 2026
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मूल के कर्मवीर महाविद्यालय, में “ध्यान: आत्मज्ञान एवं व्यवहारिकता” कार्यक्रम सम्पन्न ।—

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छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए ध्यान एक प्रभावी साधन है–

प्राचार्य डॉ. अनीता वालके ने बताया 

मूल – ( मेहुल मनियार )
गोंडवाना विश्वविद्यालय गढ़चिरौली से सम्बद्ध, शिक्षण प्रसारक मंडल मूल द्वारा संचालित, कर्मवीर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना और हार्टफुलनेस एजुकेशन ट्रस्ट एवं के सहयोग से कर्मवीर महाविद्यालय मूल में “ध्यान अभ्यास – आत्मज्ञान एवं व्यवहारिकता” विषय पर एक विशेष मार्गदर्शन एवं व्यवहारिक अनुभव कार्यक्रम दिनांक 07 जुलाई 2025 को उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में मानसिक स्थिरता, तनाव मुक्त जीवनशैली एवं आत्मविकास के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिए आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ. अनीता वालके की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में, मुख्य अतिथि सुषमा सिंह , रमेश जी परेलवार, लता पारेलवार, पर्यवेक्षक प्रा .दिनेश बनकर एवं अन्य प्राध्यापकगण उपस्थित थे। प्राचार्य डॉ. अनीता वालके ने अपने अध्यक्षीय भाषण में विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ,यदि हम एक सफल, संतुष्ट एवं एकाग्र व्यक्तित्व का निर्माण करना चाहते हैं, तो ध्यान इसका सर्वोत्तम उपाय है।
आज के प्रतिस्पर्धी और तनावपूर्ण युग में, छात्रों की एकाग्रता, मन की स्थिरता और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने के लिए ध्यान एक प्रभावी साधन है। इस तरह की गतिविधियाँ छात्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देती हैं, इस बारे में मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम की मुख्य मार्गदर्शक सुषमा सिंह ने उपस्थित छात्रों को ध्यान की वैज्ञानिक पद्धति, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव और नियमित ध्यान से जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलावों पर गहराई से मार्गदर्शन किया। उन्होंने विभिन्न प्रकार की ध्यान तकनीकों से परिचित कराया और छात्रों को व्यावहारिक प्रदर्शनों के माध्यम से श्वास नियंत्रण, मन की शांति और आत्मनिरीक्षण का अनुभव कराया। रमेश पारेलवार, लता पारेलवार, पर्यवेक्षक प्रा. दिनेश बनकर ने भी विचार व्यक्त किए कि ध्यान समय की आवश्यकता है और छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ अपने मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन प्रा. सिकंदर लेनगुरे ने किया। इस अवसर पर प्रा. डॉ. केवल करहाड़े, प्रा. डॉ. संदीप मांडवगड़े, प्रा. प्रवीण उपरे, प्रा. घुमड़े, प्रा. डॉ. आगलावे, प्रा. वैद्य, प्रा. देशमुख, प्रा. इस्तारी पडोले, प्रा. राहुल बोधे, प्रा. नीरज चन्ने, प्रा. निखिल दहीवले, प्रा. सागर मासिरकर, प्रा. अमित धोडरे एवं महाविद्यालय के सभी विद्यार्थी एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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Mehul Chandrakant Maniyar
90396656609039665660
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