Saturday, August 22, 2026
Homeबुद्ध विहारगड़ीसुर्ला में बुद्ध विहार का उद्घाटन और बुद्धमूर्ति की प्रतिस्थापना
Breaking News

लोकहित समाचार मध्ये प्रसिद्ध झालेल्या बातमीतील लेखांतील आणि पत्रांतील मते संबंधित वार्ताहराची व लेखकाची असून लोकहित समाचार संपादक प्रकाशक अथवा मालक यांचा त्या मतांशी काहीही संबंध नाही. या मधील जाहिराती या जाहिरातदाराने दिलेल्या माहितीवर आधारित असतात. बातमी लेख व जाहिरातीतील मजकुराची वैधता लोकहित समाचार पाहू शकत नाही बातमी लेख व जाहिरातीतून उद्भवणाऱ्या कोणत्याही विषयाला जबाबदार संबंधित वार्ताहर लेखक किंवा जाहिरातदारच आहे.

गड़ीसुर्ला में बुद्ध विहार का उद्घाटन और बुद्धमूर्ति की प्रतिस्थापना

image_pdfimage_print

 

मूल : ( मेहुल मनियार )

       मूल तहसील के गडिसुर्ला ग्राम में 8 जून को ज्ञानज्योति बुद्ध विहार की ओर से भगवान गौतम बुद्ध की भव्य मूर्ति की प्रतिष्ठापना तथा ज्ञानज्योति बुद्ध विहार के लोकार्पण समारोह का आयोजन बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर विविध साहित्यिक, सांस्कृतिक और जनजागृति कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8 बजे ध्वजारोहण और भिक्षु संघ द्वारा बौद्ध वंदना के साथ हुई। इसके पश्चात सुबह 9 बजे भिक्षु संघ के मार्गदर्शन में धम्म देसना आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य सत्र दोपहर 12 बजे प्रारंभ हुआ। समारोह का उद्घाटन प्रोफेसर इसादास भडके और शारदा येणुरकर द्वारा संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता अविनाश वाळके ने की। मुख्य वक्ता रवि कांबळे ने ‘बाबासाहेब की धम्म क्रांति और बौद्धों का कर्तव्य’ विषय पर प्रेरक व्याख्यान दिया। विलास दुर्गे ने ‘पंचशील और धम्म’ विषय पर विस्तृत जानकारी दी। डॉ. विद्याधर बन्सोड ने ‘बुद्ध धम्म का ह्रास क्यों हुआ’ इस विषय पर महत्वपूर्ण विचार रखे। इसके अतिरिक्त रविकिरण तावड़े और हिरालाल भडके ने भी अपने विचारों के माध्यम से उपस्थित जनसमुदाय को मार्गदर्शन किया।

     शाम को प्रसिद्ध सप्त खंजेरी वादक सत्यपाल महाराज का सार्वजनिक प्रबोधन कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नागरिकों ने उपस्थित रहकर प्रबोधन का लाभ उठाया।

कार्यक्रम के आयोजन के पीछे ज्ञानज्योति बुद्ध विहार की स्थापना, स्थानीय स्तर पर बौद्ध धर्म के प्रचार-प्रसार के प्रयास तथा सामाजिक समता और बंधुत्व का संदेश देने का उद्देश्य निहित था। उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने विश्वास व्यक्त किया कि, यह उपक्रम भविष्य में और अधिक प्रेरणादायी सिद्ध होगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अध्यक्ष सुनील वाळके, उपाध्यक्ष गजानन रामटेके, सचिव हरिदास वालके, अशोक भसारकर, राजेंद्र दुर्गे तथा ज्ञानज्योति बुद्ध विहार गडिसुर्ला की पूरी टीम ने अथक परिश्रम किया

image_print
Mehul Chandrakant Maniyar
90396656609039665660
संबंधित खबरे

ताज्या बातम्या

लोकप्रिय खबरे

error: Content is protected !!