Saturday, August 22, 2026
Homeजन जागृतिजिलाधिकारी ने पुनर्वासित गांव भगवानपुर के नागरिकों से तथा छात्रों से चर्चा...
Breaking News

लोकहित समाचार मध्ये प्रसिद्ध झालेल्या बातमीतील लेखांतील आणि पत्रांतील मते संबंधित वार्ताहराची व लेखकाची असून लोकहित समाचार संपादक प्रकाशक अथवा मालक यांचा त्या मतांशी काहीही संबंध नाही. या मधील जाहिराती या जाहिरातदाराने दिलेल्या माहितीवर आधारित असतात. बातमी लेख व जाहिरातीतील मजकुराची वैधता लोकहित समाचार पाहू शकत नाही बातमी लेख व जाहिरातीतून उद्भवणाऱ्या कोणत्याही विषयाला जबाबदार संबंधित वार्ताहर लेखक किंवा जाहिरातदारच आहे.

जिलाधिकारी ने पुनर्वासित गांव भगवानपुर के नागरिकों से तथा छात्रों से चर्चा की

image_pdfimage_print

मूल 

जिलाधिकारी विनय गौडा ने आज मूल तहसील के निसर्गरम्य पुनर्वासित भगवानपुर ग्राम को भेंट दी।ज्ञात रहे की भद्रावती तहसील के बोटेझरी और चंद्रपुर तहसील के कोलसा ग्राम के प्रकल्प बाधित नागरिकों का 2007 और 2012 में दो चरण में मूल तहसील के भगवानपुर के रूप में पुनर्वासन किया गया।

दरअसल, भगवानपुर ग्राम की समस्याओं के बारे में जिलाधिकारी ने जानकारी हासिल की।उस गांव के नागरिकों को सभी सुविधाएं मिले इस आशय को ध्यान मे रखकर उन्होंने नागरिकों से चर्चा की और संबंधित विभाग के अधिकारियों को सूचना दी।इस सुविधाओं में पेयजल,समाज मंदिर, सड़कों का निर्माण, तालाब, अधिभोगी वर्ग 2 के भूमी का वर्ग 1 में स्थानांतरण करना आदि के संबंध में चर्चा की।

उन्होंने जिला परिषद प्राथमिक शाला के छात्रों से भी संवाद साधकर पाठशाला द्वारा चलाए जा रहे उपक्रमों के बारे में भी जानकारी ली। उन छात्रों को मिलने वाला पोषक आहार, जल सुविधा, सुरक्षा दीवार, खेल का मैदान आदि के बारे में चर्चा की। उन्होने 28 अक्टूबर को भगवानपुर मे तहसील कार्यालय मूल, चंद्रपूर और भद्रावती एवं एकात्मिक आदिवासी प्रकल्प कार्यालय चंद्रपुर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित शिविर में आदिवासी शबरी घरकुल आवास योजना के सभी पात्र लाभार्थियों ने आय प्रमाणपत्र ,जातीयता प्रमाणपत्र आदि आवश्यक कागजात लेकर उपस्थित रहने की अपील की।

इस वक्त मूल के तहसीलदार डॉ. रविंद्र होली,संवर्ग विकास अधिकारी बी . एच.राठौड, वन परिक्षेत्र अधिकारी तथा भगवानपुर के सरपंच आदि उपस्थित थे।उसके पश्चात जिलाधिकारी ने सावली तथा मूल एमआईडीसी के महिला आर्थिक विकास महामंडल के तहत कारपेट निर्मित और प्रशिक्षण केंद्र को भी भेट दी।केंद्र की महिला प्रशिक्षणार्थियों से उन्होंने चर्चा की। इथेनॉल निर्माण कंपनी को भी उन्होंने भेंट दी। मैत्रीण लोकसंचालित साधन केंद्र मूल में भेंट देकर बांस से बनाए जा रहे सामग्री और प्रक्रीया के बारे में जानकारी हासिल की।

image_print
Mehul Chandrakant Maniyar
90396656609039665660
संबंधित खबरे

ताज्या बातम्या

लोकप्रिय खबरे

error: Content is protected !!