Friday, August 21, 2026
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बढ़ते बाघ के हमले की सुरक्षा के उपायों मे वन विभाग का दावा खोखला

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डॉ.अभिलाषा गावतुरे ने पत्र परिषद मे कहा

मूल ( मेहुल मनियार)
भूमिपुत्र ब्रिगेड की मार्गदर्शक एवं कौंग्रेस नेत्री डॉ.अभिलाषा गावतुरे के नेतृत्व मे सरकार और वन विभाग की उदासीनता के खिलाफ विभिन्न मांगों को लेकर 13 सितंबर को मूल स्थित तहसील कार्यालय पर मोर्चे का आयोजन किया गया है।

दरअसल,तहसील मे बढ़ते बाघ के हमले एवं अन्य वन्यजीव संघर्ष के कारण किसान,खेतिहर मजदूर, चरवाहे और ग्रामीण तंग हो चुके है।पशुओं की चराई की भी बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है।रोटी कमाना उनके लिए काफी भयपूर्ण हो गया है।खेती की सिंचाई हेतु कुओं का निर्माण एवं सोलर पंप भी उपलब्ध नहीं कराए जा रहे।किसानों को फसल बीमा भी समय से नहीं प्राप्त हो रहा है।बावजूद इसके प्रशासन एवं वन विभाग इन समस्याओं को अनदेखा कर रहा है।उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे मूल तहसील में दहशत का माहौल बन गया है।इन सभी समस्याओं से जूझते किसानों को न्याय दिलाने हेतु यह मोर्चे का आयोजन किया गया है,ऐसा उन्होंने आयोजित पत्रकार परिषद मे बताया।

उन्होंने बताया कि ,1988 के वन कायदे के अनुसार प्रत्येक जिले मे 33 प्रतिशत ही वन परिक्षेत्र होना चाहिए पर अकेले चंद्रपुर और गढ़चिरौली जिलों में 70 प्रतिशत वन क्षेत्र है।इससे यहां बड़ी संख्या में बाघ और अन्य वन्यजीव बढ़ गए है।अमूमन,मुल तहसील में मानव वन्यजीव संघर्ष चरम पर पहुंच गया है।हमलों की बढ़ती संख्या ने निर्दोष किसानों,खेतिहर मजदूरों,ग्रामीणों और चरवाहों को शिकार बना दिया है।वन विभाग द्वारा किसानों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग होता नहीं दिख रहा है।मांग करते हुए उन्होंने कहा कि,बाघों के संचार पर नजर रखने के उद्देश्य से कॉलर आईडी लगाया जाए, ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए सायरन अलर्ट दिया जाए,बाघ या अन्य वन्यजीवों के हमले मे मृतक के परिवार को एकमुश्त पच्चीस लाख रुपये दिए जाएं।मृत अथवा गंभीर रूप से घायल के परिवार के सदस्य को स्थायी रोजगार भी दिया जाए।सुरक्षा के मद्देनजर किसानों को जंगली जानवरों के हमलों से बचाने के लिए हेलमेट, गर्दन के ब्रेस, शॉक स्टिक, स्पीकर आदि प्रदान करना महत्वपूर्ण है, लेकिन वन विभाग ऐसी कोई उपाय योजना लागू नहीं कर रहा है।

पत्र परिषद मे डाॅ. अभिलाषा गावतुरे के साथ डॉ. राकेश गावतुरे,एड.प्रशांत सोनुले,दीपक वाढई, जिला अध्यक्ष विजय मुसले, नितेश मैकलवार, विक्रम गुरनुले, राकेश मोहुर्ले, मनीष मोहुर्ले, देवाजी ध्यानबोईवार, सीमा लोनबले आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।


 

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Mehul Chandrakant Maniyar
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