मुल : ( प्रा चंद्रकांत मनियार )
पंजाबराव देशमुख आकोला विद्यापीठ अंतर्गत मूल के कृषी महाविद्यालय, द्वारा
किसान वैज्ञानिक मंच की 31वीं बैठक 29 जुलाई, 2025 को ग्राम टेकाड़ी, में आयोजित की गई। इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय, मूल के सहयोगी अधिष्ठाता डॉ. वी. जी. अतकरे, प्रगतिशील किसान मनोज चौधरी, सुनील गेडाम, तथा कृषि महाविद्यालय, मूल के अन्य कृषक एवं विषय विशेषज्ञ उपस्थित थे। इस बैठक में चर्चा का मुख्य विषय “खरीप फसलों में अंतरफसल की योजना” था। इसमें महाविद्यालय के सहयोगी अधिष्ठाता डॉ. वी. जी. अतकरे ने किसानों को उत्पादन बढ़ाने के लिए खरीप फसलों में अंतरफसल के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने यह भी कहा कि, कृषि के साथ-साथ पशुपालन और डेयरी फार्मिंग जैसे पूरक व्यवसाय करना भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि बुलेटिन के बारे में विस्तृत जानकारी दी और अनुरोध किया कि विश्वविद्यालय की तकनीक युक्त कृषि बुलेटिन को किसानों की जानकारी के लिए रखा जाए। महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं उद्यानिकी विषय विशेषज्ञ डॉ. आर. पी. गजभिये ने किसानों को सब्जी की फसलों से न्यूनतम लागत में अधिकतम आय प्राप्त करने हेतु खेती की तकनीकों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। इनमें मिर्च, बैंगन, टमाटर और भिंडी की फसलों के लिए अंतरफसल का महत्व किसानों को समझाया गया। मृदा विज्ञान विशेषज्ञ सहायक प्राध्यापक डॉ. अक्षय इंगोले, ने उर्वरक प्रबंधन पर किसानों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कृषि के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों, वर्मीकम्पोस्ट और वर्मीकम्पोस्ट अर्क के उपयोग के लाभों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।





