Friday, August 21, 2026
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कृषि महाविद्यालय के छात्रों द्वारा किसानों को बीज प्रसंस्करण पर मार्गदर्शन

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मूल: ( प्रा चंद्रकांत मनियार )
खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच, मूल के कृषि महाविद्यालय के सातवें सेमेस्टर के छात्रों ने ग्रामीण जागरूकता कार्य अनुभव और कृषि-औद्योगिक प्रशिक्षण (आरएडब्ल्यूई) पहल के तहत कोटगल गांव में किसानों को खरीफ सीजन के लिए बीज प्रसंस्करण और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के बारे में मार्गदर्शन दिया।

विद्यार्थियों ने धान की ‘पद्मा’ किस्म के 10 किलो बीजों के बीजोपचार का प्रदर्शन किया। सबसे पहले उन्होंने बीजों को 3% नमक के घोल से उपचारित किया, फिर फफूंदनाशक, कीटनाशक और जीवाणु वर्धक से उपचारित किया। इस अवसर पर सौ.सरिता पाल, सौ. संगीता ठाकरे, बेबी झाड़े, रंजीत पाल, संजय माडेशवार, लक्ष्मण काबेवार, यदुनाथ समर्थ, संजय ठाकरे और गांव की अन्य महिला किसान बड़ी संख्या में मौजूद थीं।
RAWE पहल के तहत, छात्र 3 माह तक गांव में रहेंगे और किसानों को फसल उगाने की तकनीक, बीज प्रसंस्करण, बकरी पालन, मुर्गी पालन और फसल रोग नियंत्रण सहित कृषि के विभिन्न पहलुओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे।
गांव में प्रवेश करते ही ग्रामीणों ने विद्यार्थियों का स्वागत किया। कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थियों में बलवीर जुनगरी, प्रीतम धुर्वे, रोहित निघोट, अर्पित मेश्राम, कृष्णा आगलावे और चैतन्य कापगते शामिल हैं।

        कृषि महाविद्यालय सहयोगी अधिष्ठाता डॉ. वी. जी. अतकरे के मार्गदर्शन  के साथ छात्रों को कृषि अनुसंधान केंद्र, सोनापुर के प्रभारी अधिकारी डॉ. युवराज खोबरागड़े, कृषि शास्त्र विषय विशेषज्ञ प्रा.मोहिनी पुनसे, पादप रोग विज्ञान विषय विशेषज्ञ डॉ. गीतांशु डिंकवार, वनस्पति शास्त्र विषय विशेषज्ञ डॉ. सुवर्णा नगराले, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रमाकांत गजभिये और डॉ. अश्विनी गायधनी का भी मार्गदर्शन मिला
इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को कृषि से संबंधित व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा और किसानों को भी नई तकनीकों की जानकारी मिलेगी। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहल छात्रों और किसानों के बीच संवाद बढ़ाकर ज्ञान वृद्धि में योगदान देगी।

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Mehul Chandrakant Maniyar
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