Thursday, August 20, 2026
Homeस्पर्धा परीक्षा मार्गदर्शनप्रतियोगी परीक्षाए, परीक्षा उन्मुख और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता होनी चाहिए..... अमित...
Breaking News

लोकहित समाचार मध्ये प्रसिद्ध झालेल्या बातमीतील लेखांतील आणि पत्रांतील मते संबंधित वार्ताहराची व लेखकाची असून लोकहित समाचार संपादक प्रकाशक अथवा मालक यांचा त्या मतांशी काहीही संबंध नाही. या मधील जाहिराती या जाहिरातदाराने दिलेल्या माहितीवर आधारित असतात. बातमी लेख व जाहिरातीतील मजकुराची वैधता लोकहित समाचार पाहू शकत नाही बातमी लेख व जाहिरातीतून उद्भवणाऱ्या कोणत्याही विषयाला जबाबदार संबंधित वार्ताहर लेखक किंवा जाहिरातदारच आहे.

प्रतियोगी परीक्षाए, परीक्षा उन्मुख और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता होनी चाहिए….. अमित तुमडाम ने बताया

image_pdfimage_print

 

मूल 18 अगस्त: ( प्रा. चंद्रकांत मनियार)
डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि
विद्यापीठ, अकोला अंतर्गत मूल के कृषि महाविद्यालय, में प्लेसमेंट सेल और प्रतियोगी परीक्षा मंच आंतरिक रूप से राष्ट्रीय स्तर पर (यूपीएससी, नाबार्ड, एफसीआई, इफको, आईबीपीएस) के साथ-साथ राज्य स्तर पर भी,
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित आगामी राज्य सेवाएं, कृषि सेवाएं, वन सेवाएं, आदि प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों को बड़ी सफलता प्राप्त करने,उच्च पदों को प्राप्त करने और उन तक पहुंचना इस लक्ष्य को लेकर महाविद्यालय में 18 अगस्त को व्याख्यान का आयोजन किया गया था। इस व्याख्यान के लिए गढ़चिरौली के उप विभागीय कृषि अधिकारी, धर्मेंद्र गिन्हेपुंजे, अमित तुमडाम, तालुका कृषि अधिकारी, चामोर्शी के साथ-साथ मंडल कृषि अधिकारी गढ़चिरौली के संजय मेश्राम, को मार्गदर्शन हेतु, आमंत्रित किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि महाविद्यालय मूल के सहयोगी अधिष्ठाता डॉ. वी. जी. अतकरे,
ने की। इस कार्यक्रम की प्रस्तावना वनस्पति रोग शास्त्र विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. गीतांशु डिंकवार ने कि। कार्यक्रम के अतिथि एवं मार्गदर्शक  संजय मेश्राम ने विद्यार्थियों से लक्ष्य निर्धारित कर समय का सदुपयोग करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि, ज्ञान देने से बढ़ता है, इसलिए इसे दूसरों को देते रहना चाहिए। अमित तुमडाम ने विद्यार्थियों से उज्ज्वल भविष्य के लिए सही दिशा चुनने और उसके लिए निरंतर प्रयास करने को कहा। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई का सही तरीका बताया और परीक्षा की तैयारी करते हुए परीक्षा-उन्मुख अध्ययन करने की अपील की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मार्गदर्शक धर्मेंद्र गिऱ्हेपुंजे ने ‘महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग कृषि सेवा परीक्षा तैयारी’ विषय पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्री एवं मुख्य परीक्षा के पैटर्न, शैक्षणिक योग्यता क्या है, इसकी तैयारी कैसे करें आदि पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से बीएससी (ऑनर्स) कृषि पाठ्यक्रम के विषयों का गहन अध्ययन करने और नियमित एवं एकाग्रता के साथ अध्ययन करने की भी अपील की।


उद्यान विद्या विभाग के डॉ. आर. पी. गजभिये ने अपने मार्गदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निर्णय, योजना, अनुशासन, कड़ी मेहनत और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता के पांच सूत्री मंत्र दिए। उन्होंने विभिन्न सफल बच्चों के उदाहरण देकर विद्यार्थियों को प्रेरित किया। कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ वी. जी. अतकरे ने अपने अध्यक्षीय भाषण के माध्यम से विद्यार्थियों को मौलिक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि, यदि आप जीवन में सफल होना चाहते हैं, तो आप किसी भी चुनौती पर विजय पा सकते हैं यदि आप जीवन के पीएच यानी शांति और खुशी को संतुलित रखते हैं। इसलिए आपको धैर्य रखना चाहिए और अपने कार्यों को गति देनी चाहिए। कार्यक्रम के सभी अतिथियों और मार्गदर्शकों को महाविद्यालय द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बीएससी (ऑनर्स) कृषि के सभी सत्रों के विद्यार्थियों के साथ-साथ महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया ।कार्यक्रम का संचालन मृदा विज्ञान की सहायक प्राध्यापक डॉ. विशाखा डोंगरे ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. गीतांशु डीन्कवार, सहायक प्रोफेसर (वनस्पति रोग शास्त्र) ने किया।

image_print
Mehul Chandrakant Maniyar
90396656609039665660
संबंधित खबरे

ताज्या बातम्या

लोकप्रिय खबरे

error: Content is protected !!