मुल: ( प्रा .चंद्रकांत मनियार )
कृषि महाविद्यालय, के राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा विश्व एड्स दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में डाॅ. कृषि महाविद्यालय के सहयोगी अधिष्ठाता प्राचार्य डॉ.विष्णुकांत टेकाले थे। मुख्य अतिथि के रूप में उप जिला अस्पताल के वैद्यकीय अधीक्षक डाॅ. एल. टी. कुलमेथे, मुख्य वक्ता के रूप में सौ .मीना नंदनवार, आईसीटीसी समुपदेशक, उपजिला अस्पताल, मुल उपस्थित थे। विश्व एड्स दिवस कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य रासेयो स्वयंसेवकों और छात्रों के बीच एचआईवी/एड्स बीमारी के बारे में जागरूकता पैदा करना था। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता मीना नंदनवार ने अपने मार्गदर्शन में एड्स बीमारी के कारण, बीमारी के बाद लक्षण, बीमारी के बाद उपचार तथा सरकार के माध्यम से उपलब्ध उपचार योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मुख्य अतिथि के रूप में डाॅ. एल. टी. कुलमेथे ने समाज में एड्स बीमारी के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया । समाज में रोगियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए कानून में बदलाव की जानकारी दी। छात्रों को एड्स रोग की जांच के महत्व के बारे में समझाया।

कार्यक्रम के अध्यक्ष डाॅ. टेकाले ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि एचआईवी/एड्स एक बड़ी बीमारी है, और इस बीमारी के कारण मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम हो जाती है। जिसके कारण वह कई अन्य बीमारियों का शिकार हो जाता है। इसलिए छात्रों को इस बीमारी के कारणों को समझना चाहिए और समाज में जागरूकता पैदा करनी चाहिए। छात्रों को शादी करते समय अपने जीवनसाथी की एचआईवी, हेपेटाइटिस और सिकल सेल एनीमिया की उचित जांच करनी चाहिए। उक्त कार्यक्रम में उपजिला अस्पताल के कर्मचारियों के रूप में मयूरी कोलप्याकवार, अश्विनी यंबरवार और निखिल भेंडारे के साथ-साथ रासेयो स्वयंसेवक कॉलेज के शिक्षक और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
रासेयो के कार्यक्रम अधिकारी डाॅ. के. डी .राठौड़ ने कार्यक्रम का संचालन किया और उपस्थित लोगों का आभार प्रदर्शन कु.मनीषा लवनकर ने किया।




