डॉ. राम दांडेकर और परिवार द्वारा किया आयोजन।
मूल ( मेहुल मनियार)
करीब 75 वर्षों से साइकिल द्वारा ग्रामीण इलाकों में जाकर मरीजों की सेवा करने वाले यहां के डॉ.राम दांडेकर ने उनके जीवन में साइकिल ने जो साथ दिया, उसके प्रति कृतज्ञता दर्शाने हेतु कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
शशिकला ताई गांवतूरे की अध्यक्षता में स्थानीय रामलीला भवन में आयोजित इस समारोह के अवसर पर नामदेवराव गांवतूरे,शिक्षण प्रसारक मंडल के अध्यक्ष एडवोकेट अनिल वैरागडे, पूर्व प्राचार्य ते. क.कापगते, माधवराव दांडेकर आदि गणमान्य उपस्थित थे। इस समारोह की प्रस्तावना रखते हुए पत्रकार गंगाधर कुनघाडकर ने डॉ. राम दांडेकर के जीवन के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि, उनके सेवाभावी कार्य के लिए उन्हे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिला है। इस समारोह में डॉक्टर और मेडिकल एसोसिएशन, मूल तहसील पत्रकार संघ, तेली समाज संगठन तथा उपस्थितो ने सत्कार किया। सभी अतिथियों ने आयोजित इस कृतज्ञता समारोह में डॉ. दांडेकर ने गत 75 वर्षोसे ग्रामीण इलाकों में साइकिल से जाकर सेवा की उसकी सराहना की ।
कहा गया की इतने सालों में उन्होंने पैरो में चप्पल भी नहीं पहनी और चश्मा भी नही पहना। साइकिल जैसी किसी निर्जीव चीज के प्रती कृतज्ञता प्रगट करने हेतू कार्यक्रम का आयोजन किए जाने का यह पहला अवसर बताया गया।
डॉ. दांडेकर के कार्यों के प्रति सभीने अपनी भावनाएं व्यक्त की। 89 वर्षीय डॉ. राम दांडेकर ने उनके जीवन में स्वास्थ्य के लिए साईकिल का कितना महत्त्व रहा, इस बारे में बताते हुए साइकिल को भूलना संभव नहीं है, ऐसा कहा।
कार्यक्रम में उनके पारिवारिक लोगों के अलावा उन्हें चाहने वाले काफी लोग उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का संचालन पत्रकार युवराज चावरे ने किया।


