Thursday, October 22, 2026
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शूरवी महिला महाविद्यालय में सावित्री बाईं फुले जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई

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मूल: ( प्रा. चंद्रकांत मनियार )

शूरवी महिला महाविद्यालय, मूल में “क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की 194वीं जयंती” हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि गुट समन्वयक गोंडवाना विद्यापीठ (मूल, सावली, ब्रम्हपुरी, घोडाझरी संभाग) श्रीमती शुभांगी नक्षिने उपस्थित रहीं। उन्होंने सावित्रीबाई के कार्यों की समीक्षा की। मान.चेतन उंदिरवाडे ने सावित्रीबाई फुले का शैक्षिक योगदान, सामाजिक क्रांति में महत्व और म. फुले के तीन पत्रों की विषयवस्तु और आज के संदर्भ में उनकी उपयोगिता के बारे में भी बताया । प्रो. सूर्यकांत सहारे ने महिला सशक्तिकरण के लिए किये गये प्रयासों पर विस्तार से व्याख्यान दिया। प्रो .कीर्ति वाडगुरे ने आज के समय में सावित्रीबाई के विचारों की महती आवश्यकता को समझाया। प्रो. रूपाली वाढ़ई ने भी विचार व्यक्त किए। महाविद्यालय की छात्रा कु. नेत्रा येन्नावार ,कु. रीना यापाकुलवार कु. आरती कस्तूरे ने भी अपनी भावना व्यक्त की। कार्यक्रम की शुरुआत सावित्रीबाई और ज्योतिबा फुले की छवि पर पुष्प अर्पित और नमन के साथ हुई। कॉलेज के कार्यकारी प्राचार्य हर्षा खरासे ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की,तथा मुख्य अतिथियों का स्वागत किया और कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
महाविद्यालय की प्रो.नम्रता वासनकर ने कार्यक्रम की प्रस्तावना रखी, और अतिथियों का परिचय दिया। इस अवसर पर स्नेहल भूते (कम्युनिटी मोबिलाइजर गोंडवाना यूनिवर्सिटी मूल, सावली विभाग), डाॅ. मीनाक्षी राइंचवार,प्रा. पल्लवी गंडाटे मंच पर मौजूद थे ।कार्यक्रम का संचालन प्रो. नगीना चहांदे ने किया और आभार प्रदर्शन प्रो. धनीला ढोले ने किया। कहा गया कि इस तरह का कार्यक्रम सावित्रीबाई के विचारों की विरासत को आगे बढ़ाने की प्रेरणा है। इस कार्यक्रम में कॉलेज के सभी प्राध्यापक , शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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Mehul Chandrakant Maniyar
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