- कैरियर मार्गदर्शन तथा मेधावी छात्रों के सत्कार समारोह मे पालक मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहां।
मूल ( मेहुल मनियार )
किताबी ज्ञान के साथ व्यवहारिक ज्ञान की भी उतनी ही जरूरत होती है, यह बात वन, सांस्कृतिक तथा मत्स्य व्यवसाय मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कही । यहां के स्व. कन्नमवार सभागृह में कैरियर मार्गदर्शन और मेधावी छात्रों के सत्कार समारोह के अवसर पर उद्घाटक के रूप में वे संबोधन कर रहे थे । इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री डॉ मंगेश गुलवाड़े , युवा कीर्तनकार सोपान दादा कनेरकर,राजेंद्र महाड़ोले ,पूर्व नगर अध्यक्ष रत्नमाला भोयर, नंदकिशोर रणदीवे ,प्रवीण मोहुर्ले ,शहर अध्यक्ष प्रभाकर भोयर, चंदू मारगोनवार ,अजय गोगूलवार ,किशोर कापगते, अनिल साखरकर, महेंद्र करकाड़े,मिलिंद खोबरागड़े, राकेश ठाकरे, सोहम बुटले, हर्ष पोपट आदि के साथ अभिभावक छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
इस अवसर पर तहसील के मेधावी छात्रों को अतिथियों के हाथों सम्मानित किया गया। मुनगंटीवार ने कहां की, इस तहसील के शिक्षा की खुशबू महाराष्ट्र के कोने कोने तक पहुंचाई जाए। मेघावी छात्रों में लड़कियों का प्रतिशत ज्यादा है, यह बताते हुए उन्होंने कहा कि, राज्य में कन्याओं की शिक्षा हेतु काफी प्रयास जारी है ।जीवन में सहजता ,सुलभता और सरलता जरूरी होने की बात बताते हुए उन्होंने कहा कि बल्लारपुर में एसएनडीटी विद्यापीठ बना है जिसमें 62 पाठ्यक्रम शुरू होगे।आगे कहा कि, गोंडवाना विद्यापीठ का उप केन्द्र जल्द ही बाबूपेठ चंद्रपुर में शुरू होगा। उसी प्रकार अजयपुर में खेती के उच्च तंत्रज्ञान की व्यवस्था भी शुरु होगी। बल्लारपुर में शुरू किया जा रहे बल्लारपुर मे शुरु होने वाले मेडिकल कॉलेज के कन्या छात्रावास की संख्या अधिक होगी, ऐसा कहा। कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग हेतु एक छात्र के पाठयक्रम के लिए 50 लाख रुपए की खर्च होते है, निचले तबके के मेधावी छात्रों के लिए इस शुल्क का भुगतान करना संभव नहीं, इसीलिए 48 लाख रुपए का अनुदान देने का फैसला लिया गया है। मोरवा एयरपोर्ट पर जल्द ही दो फ्लाईंग क्लब शुरू होगा ,ऐसा बताया। छात्राओ को उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु किसी भी प्रकार की जाती या आय की समस्या न रखते हुए सरकार द्वारा शुल्क मे शत प्रतिशत छूट दी जाएगी।
इस समारोह का संचालन युवराज चावरे ने तथा आभार प्रदर्शन महेंद्र करकाड़े ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संजय मारकवार,गुरुदेव बोदलकर,चेतन कवाडकर,आस्तिक मेश्राम ,प्रमोद कोकुलवार का सहयोग मिला।




