Saturday, August 22, 2026
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सोमनाथ में श्रम संस्कार शिविर का आयोजन ।

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  1. शिविर में शामिल हुए युवक युवतियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी।

मूल ( मेहुल मनियार)

तहसील के सोमनाथ प्रकल्प में 55 वे श्रम संस्कार छावनी शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में महाराष्ट्र के अलावा मध्य प्रदेश, उड़ीसा गुजरात और उत्तर प्रदेश के करीब 250 से भी ज्यादा युवक युवतियां शामिल हुई थी ।विशेष बात यह रही कि इस शिविर में 60 मूकबधिर युवा भी साथ शामिल थे। कर्मयोगी बाबा आमटे स्थापित महारोगी सेवा समिति वरोरा इस वर्ष 75 वर्ष पूर्ण कर रही है।


इस शिविर में शामिल हुए शिविरार्थियों से चर्चा की।
नांदेड की कु. सुप्रिया बेलकर ने बताया कि, इस शिविर के माध्यम से कई सारी बातें सीखने मिली है। शिविर के माध्यम से मिले अच्छे संस्कार का इस्तेमाल हम समाज के लिए जरूर करेंगे ऐसा कहा। उड़ीसा राज्य से शामिल हुई कु. दीपांजलि स्वाई का मानना है, अलग-अलग राज्यों से आए युवाओं से मिलने का अवसर मिला । उसी प्रकार कर्णबधिर और मुक बधिर युवाओ के जीवन के बारे में नजदीकी से परिचय हुआ। उनके जीवन के बारे में कई जानकारियां मिली।
जालना के जयसिंग राजपूत ने कहा कि , इस छावनी शिविर में अन्य शिविर से कुछ अलग सीखने मिला है। स्व.बाबा आमटे के विचारों को जीवन में उतारने का हम प्रयास करेंगे ऐसा कहा।

अकोला की कु. श्रुति काले ने बताया कि , इस शिविर में पहली बार शामिल होनेपर कुष्ट रोगियों की स्थिति के बारे में जानकारी मिली । उनकी कलाओं को सीखने का अवसर मिला ऐसा बताया। हिंगोली के वैभव महाजन ने कहा कि, कड़ी धूप होने के बावजूद यहां पर जो आनंद मिल रहा है, उससे बड़ी खुशी मिली है। शिविर के माध्यम से कुछ अच्छे संस्कार सीखने मिले। कुष्ठ मुक्त लोगों द्वारा किए जा रहे सतरंजी, मिट्टी और लकड़ा काम, कपड़ा बनाना, फेब्रिकेशन आदी कार्यों की जानकारी दी गई।
डॉ. विकास आमटे ने आनंदवन प्रयोगवन, डॉ. सोमनाथ रोड़े इन्होंने बाबा और युवक, डॉ. अशोक बेलखोड़े ने भारत जोड़ो अभियान और डॉ. मंदार परांजपे ने नको सुपारी हवा विड़ा, डॉ. कल्पना काले ने कर्ण बधिर बच्चों का अभिभावक, डॉ. दिगंत आमटे और डॉ. अनघा आमटे ने संस्था कि भविष्य कालीन योजना आदि विषयों पर शिविरार्थी को मार्गदर्शन किया।
शिविर के सफल आयोजन में सोमनाथ के प्रकल्प प्रमुख अरुण कदम, पल्लवी आमटे , राम राठौर,शिविर समन्वयक रविंद्र नलगंटीवार , सुधाकर कडू, अजय स्वामी,प्रमोद बक्शी, बबन निकालजे का सहयोग मिला।

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Mehul Chandrakant Maniyar
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