Saturday, June 6, 2026
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मृदा परीक्षण की जानकारी हेतु यहां के कृषि महाविद्यालय के छात्रों का उपक्रम

 

मुल – ( प्रा. चंद्रकांत मनियार )
डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय, अकोला, द्वारा संलग्नित कृषि महाविद्यालय, मुल के विद्यार्थियों ने ग्रामीण जागरूकता कार्य अनुभव कार्यक्रम (RAWE – 2025-26) के अंतर्गत पुलखल ग्राम में मिट्टी परीक्षण का प्रदर्शन कर किसानों को मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने मिट्टी के नमूने लेने की वैज्ञानिक विधि का प्रात्यक्षिक किया तथा किसानों को इसके महत्व से अवगत कराया। किसानों की शंकाओं का समाधान किया गया।
सामान्य तौर पर मृदा परीक्षण करने का हेतु, मृदा परीक्षण की आवश्यकता , मृदा परीक्षण हमें क्या जानकारी देता है? मृदा परीक्षण कब करें? और मृदा परीक्षण की सही वैज्ञानिक विधि क्या है? इस बारे में छात्रों ने बताया कि, मृदा परीक्षण से मृदा में मौजूद प्राथमिक (नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटेशियम) और द्वितीयक (कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर) पोषक तत्वों की जानकारी मिलती है। इसके आधार पर उर्वरकों की सही मात्रा निर्धारित की जा सकती है, जिससे उत्पादन बढ़ता है और अनावश्यक खर्चे में बचत होती है।


इस दौरान रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग के दुष्परिणामों के बारे में बताया गया । इसके स्थान पर जैविक खाद, गोबर की खाद, कम्पोस्ट तथा हरी खाद के लाभों के बारे में बताया गया। मृदा उर्वरता बढ़ाने के उचित उपाय, मृदा के प्रकार, उनके गुणधर्म तथा फसलवार उर्वरक प्रबंधन के बारे में भी जानकारी दी गई।
इस कार्यक्रम में किसान अपुल ठाकरे, विनायक रोडे, नानाजी ठाकरे और अन्य स्थानीय किसान उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का क्रियान्वयन कृषि दूत शाम धनोरे, दशरथ वानखेड़े, भूषण हावरे, सौरभ पाटोंड और समय उपरीकर ने किया।
इस उपक्रम के लिए छात्रों को कृषि महाविद्यालय, मूल के सहयोगी अधिष्ठाता डॉ. विष्णुकांत टेकाले का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। उसी प्रकार डॉ. युवराज खोबरागड़े (प्रभारी अधिकारी, कृषि अनुसंधान केंद्र, सोनापुर), मृदा विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. अक्षय इंगोले, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अश्विनी गायधनी और देवानंद कुसुंबे इन सभी का भी मार्गदर्शन मिला।

Mehul Chandrakant Maniyar
90396656609039665660
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