Friday, August 21, 2026
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मूल के कृषि महाविद्यालय द्वारा किसान शास्त्रज्ञ मंच की 33 वीं बैठक संपन्न

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मूल ( प्रा. चंद्रकांत मनियार )

पंजाबराव कृषि विश्वविद्यालय संलग्नित मूल के कृषि महाविद्यालय द्वारा 25 अगस्त 2025 को तहसील के बेलगाटा ग्राम में किसान शास्त्रज्ञ मंच की 33 वीं बैठक संपन्न हुई।
इस कार्यक्रम में कृषि महाविद्यालय, मुल के वैज्ञानिकों की टीम और गाँव के किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता कृषि महाविद्यालय, मुल के सहयोगी अधिष्ठाता डॉ. वी. जी. अतकरे ने की। इस अवसर पर सबसे पहले कीट विज्ञानी डॉ. भूषण ठाकरे ने किसानों को धान और कपास की फसलों में एकीकृत कीट प्रबंधन लागू करने के तरीके के बारे में मार्गदर्शन दिया। इसमें उन्होंने रस चूसने वाले कीटों के लिए पीले चिपचिपे जाल, लार्वा के लिए गंध और प्रकाश जाल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि, अन्य कीटों के लिए रासायनिक कीटनाशकों के बजाय जैविक कवक कीटनाशकों (वर्टिसिलियम लेकानी, मेटारिज़ियम एनीसोप्ले, बेवेरिया बेसियाना) का उपयोग कैसे करें। इसके बाद वनस्पति रोग विशेषज्ञ डॉ. गीतांशु डिंकवार ने कपास, धान और सब्जी फसलों में वर्तमान में लगने वाले रोगों के एकीकृत रोग प्रबंधन पर किसानों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने झुलसा और झुलसा रोगों के प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने कवकनाशी और महत्वपूर्ण जैविक कवकनाशी के बीज उपचार के बारे में भी किसानों को जानकारी दी।


इसके बाद मृदा वैज्ञानिक डॉ. विशाखा डोंगरे ने धान और कपास की फसलों में पाए जाने वाले विभिन्न पोषक तत्वों की कमी और उसके प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। उद्यानिकी विद्या शास्त्रज्ञ डॉ. आर. पी. गजभिये ने किसानों को प्रेरित करते हुए, कृषि में आने वाली दैनिक कठिनाइयों और उन्हें आसानी से दूर करने के उपाय बताए। उन्होंने सब्जी की फसलों की खेती के बारे में भी किसानों का मार्गदर्शन किया।
कृषि महाविद्यालय के सहयोगी अधिष्ठाता डॉ. वी. जी. अतकरे ने कृषि पूरक व्यवसायों के साथ-साथ विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यक्रमों के बारे में किसानों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने पंजाबराव कृषि विश्वविद्यालय के कृषि सवंदिनी के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कृषि महाविद्यालय, मूल के अंतर्गत तैयार वर्मी कम्पोस्ट और वर्मीवॉश के बारे में भी किसानों को जानकारी दी। उक्त कृषक वैज्ञानिक मंच की बैठक में 48 किसान और 6 शास्त्रज्ञ उपस्थित थे। मार्गदर्शन के दौरान किसानों ने धान, कपास, फसल प्रबंधन के बारे में कई प्रश्न पूछे, इन सभी प्रश्नों का वैज्ञानिकों द्वारा समाधान किया गया। बैठक का संचालन और आभार प्रदर्शन प्रा.नागेश नवघरे ने किया।

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Mehul Chandrakant Maniyar
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