Saturday, August 22, 2026
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पाठशाला को सेवा के रूप में चलाना एक व्रत

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रा. स्व. संघ के सर संघचालक डॉ मोहन जी भागवत ने कहा

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पाठशाला चलाना अब आसान काम नहीं है। शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों महंगे हो गये हैं। यहां तक ​​कि उनमें से कुछ पैसे कमाने के लिए स्कूल भी चलाते हैं। पाठशाला को सेवा के रूप में चलाना एक व्रत है। व्रत को समान भाव और निष्ठा से करना होता है। यह खुशी और बधाई की बात है कि सन्मित्र सैनिक स्कूल ऐसा करने का प्रयास कर रही है। ऐसा रा.स्व.संघ के सरसंघचालक डाॅ. मोहनजी भागवत ने कहा।
बुधवार, 25 दिसंबर 2024 चंद्रपुर के सन्मित्र मिलिट्री स्कूल के 30 वे वार्षिकोत्सव समारोह के मौके पर वे बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में सन्मित्र मंडल के अध्यक्ष डाॅ.परमानंद अंदनकर, सचिव अधिवक्ता. नीलेश चोरे, स्कूल की प्राचार्या अरुंधति कवाडकर, कमांडेंट सुरेंद्रकुमार राणा मुख्य अतिथि के रूप में मंच पर थे।
डॉ.मोहनजी भागवत ने आगे बताया कि, पाठशाला को सेवा के तौर पर चलाना ही एक सेवा है। यह सिर्फ शाला प्रबंधन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज की भी है। जीविका के लिए शिक्षा है, यह सही परिभाषा नहीं है।
शिक्षा का असली उद्देश्य मनुष्य को विचारशील होना चाहिए। सचेतन, भावना-निर्माण शिक्षा
चाहिए ,ऐसी शिक्षा जो दूसरों को सोचने पर मजबूर करे, स्वयं सीखकर अपने परिवार का जीवन उन्नत करें, कर्ता को अच्छा माना जाता है। परिवार के सह गांव के लिए ज्यादा दौड़ने वाले के लिए सम्मान दिया जाता है। अपने देश के लिए काम कर रहे, का जन्मदिन और पुण्यतिथि मनाई जाती हैं। उस व्यक्ति को सजदा करो जो केवल संसार के लिए प्रयास करता है। स्वामी विवेकानन्द की तरह जीवन होता है ,तो सार्थक है, ऐसा कहा।

डॉ.परमानंद अंदनकर, ने कहा की,सर्वे भवन्तु सखिन:, सर्वे सन्तु निरामया के अनुसार संमित्र मंडल इसके लिए काम कर रहा है।
कार्यक्रम का संचालन एड.नीलेश चोरे ने किया, और संचालन तथा आभार प्रदर्शन अरुंधति कवाडकर ने किया।

डॉ. मोहनजी भागवत के हाथों सन्मित्र बेस्ट कंपनी अवार्ड’ के रूप में नेताजी सुभाष कंपनी को पुरस्कृत किया गया, और सन्मित्र बेस्ट कैडेट के रूप में छात्र श्रीकांत वाडनकर को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर रा. स्व. संघ के प्रांत संघ चालक दीपकजी तामशेट्टीवार, जिला संघ चालक तुषार देवपुजारी, तालुका संघ चालक लक्ष्मण ओलालवार, नगर संघचालक एडवोकेट. रवींद्र भागवत,राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष हंसराज अहीर, विधायक सुधीर मुनगंटीवार, विधायक किशोर जोरगेवार, गोंडवाना विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. रवींद्र बोकारे, डॉ. मुकुंद अंदनकर, डॉ. प्रवीण पंत सहित जिले के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित होते।

सन्मित्र सैनिक स्कूल के बाल सैनिकों ने डॉ.मोहनजी भागवत के समक्ष युद्ध कौशल प्रस्तुत किया। उन्होंने व्यायाम योग, योगासन, नियुद्ध, मल्लखंब और घोष प्रदर्शनों के साथ-साथ लुभावनी मीनारें भी स्थापित कीं।

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Mehul Chandrakant Maniyar
90396656609039665660
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