Thursday, August 20, 2026
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मूल के कर्मवीर महाविद्यालय में क्रांति दिवस मनाया गया

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शिक्षा के माध्यम से छात्रों द्वारा समाज में सकारात्मक क्रांति लाएं –

         –प्राचार्या डॉ. अनीता वालके 

मूल: ( मेहुल मनियार )
गोंडवाना विश्वविद्यालय गढ़चिरौली से संबद्ध और शिक्षण प्रसारक मंडल मूल द्वारा संचालित कर्मवीर महाविद्यालय मूल में क्रांति दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। 1942 में महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत छोड़ो आंदोलन के ऐतिहासिक दिन पर, विद्यार्थियों में देशभक्ति, सामाजिक प्रतिबद्धता और वैचारिक जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अनीता वालके मैडम ने की। मुख्य अतिथि के रूप में स्वामी विवेकानंद विद्या मंदिर के मुख्याध्यापक नितिन घरोटे, उपस्थित थे।
प्राचार्य डॉ. अनीता वालके ने अपने अध्यक्षीय मार्गदर्शन में इतिहास, आधुनिक समाज और शिक्षा का सुंदर संगम प्राप्त कर विद्यार्थियों को प्रेरणादायी विचार दिए। क्रांति दिवस देश के लिए बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को जागृत करने का दिन है। विद्यार्थियों को इससे प्रेरणा लेकर सामाजिक जागरूकता, विवेक और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को बढ़ाना चाहिए। विद्यार्थियों को शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक क्रांति लाने की बात कहते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक भारत को विज्ञान-उन्मुख, पर्यावरण के प्रति जागरूक और तकनीकी रूप से सक्षम विचारकों की नई पीढ़ी की आवश्यकता है। उन्होंने प्रेरणादायी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि, हम अपने विचारों, व्यवहार और कार्यों के माध्यम से ही स्वतंत्रता सेनानियों को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नितिन घरोटे ने कहा कि भारत छोड़ो आंदोलन 9 अगस्त 1942 को शुरू हुआ और पूरा देश एक साथ खड़ा हुआ, जिसमें विद्यार्थियों और युवाओं की बड़ी भागीदारी थी। उन्होंने मौलिक संदेश दिया कि, आज के समय में हमें इस क्रांति के अर्थ को नए सिरे से समझने और सामाजिक अन्याय, भ्रष्टाचार और असमानता के खिलाफ लड़ने की जरूरत है। इस अवसर पर महाविद्यालय के अनेक विद्यार्थियों ने अपने विचार व्यक्त किए और क्रांति दिवस का ऐतिहासिक महत्व समझाते हुए स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों का महिमामंडन किया।कार्यक्रम के मंच पर पर्यवेक्षक प्रा. दिनेश बनकर, प्रा. इस्तारी पडोले, प्रा. अनिल शेलेकर, प्रा. राहुल बोधे, प्रा. नीरज चन्ने, प्रा. समीर अल्लूरवार, प्रा. हितेश गेडाम, प्रा. पल्लवी गंडाटे उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन प्रा. सिकंदर लेनगुरे ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम के बाद पेड़ों को राखी बाँधी गई। सभी विद्यार्थियों ने वृक्षों के संरक्षण का संकल्प लिया। इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि, स्वतंत्रता केवल एक राजनीतिक अवधारणा नहीं है, बल्कि एक सामाजिक और पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी भी है।

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Mehul Chandrakant Maniyar
90396656609039665660
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