Wednesday, October 21, 2026
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शिवार फेरी 2025 में मूल के कृषि महाविद्यालय की उत्साही भागीदारी

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मूल ( प्रा. चंद्रकांत मनियार )

विदर्भ के सभी जिलों के किसानों को विश्वविद्यालय द्वारा विकसित की गई तकनीकें, किस्में, सिफारिश के अनुसार अपनाई जाने वाली फसल पद्धतियाँ, रोग-कीट नियंत्रण के लिए जैविक उपचार पद्धतियाँ तथा यंत्र और उपकरण आदि एक ही स्थान पर देखने और उनके बारे में मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर उपलब्ध हो, इस उद्देश्य से हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दिनांक 20 से 22 सितम्बर 2025 को “शिवार फेरी” का आयोजन किया गया। इस शिवार फेरी में कृषि महाविद्यालय, मुल, जिला चंद्रपुर के 43 विद्यार्थी, 4 सहायक प्राध्यापक और 9 किसान, सहयोगी अधिष्ठाता डॉ. व्ही. जी. अतकरे के मार्गदर्शन में वार्षिक “शिवार फेरी – 2025” तथा प्रत्यक्ष फसल प्रदर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए।
यह शिविर फेरी डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ, अकोला और महाराष्ट्र राज्य कृषि विभाग के संयुक्त पहल से आयोजित की गई थी। इसका आयोजन विश्वविद्यालय के प्रक्षेत्र पर माननीय कुलपति डॉ. शरद गडाख (डॉ.पी.डी.के.वी., अकोला) के मार्गदर्शन में किया गया था, जिसमें धान, गेहूं, ज्वार, बाजरा, मक्का, सब्जियां, दालें, तिलहन, चारा फसलें और नकदी फसलें जैसी फसलें शामिल थीं। इस शिविर फेरी में, महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के प्रक्षेत्र पर उगाई गई विभिन्न फसलों, फसल पद्धतियों, प्रक्रिया उद्योग और दुग्धशास्त्र विभाग का दौरा किया। उन्होंने वहां मौजूद विभिन्न गौवंशों (गायों की नस्लों) का अध्ययन किया और इस दौरान पशुओं के प्रबंधन, दुग्ध उत्पादों और उप-उत्पादों के बारे में गहन जानकारी प्राप्त की।
शिबीर फेरी में, 25 एकड़ क्षेत्र में 300 से अधिक उन्नत फसलों और तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही, 1,700 हेक्टेयर क्षेत्र में ब्रीडर बीज उत्पादन और अनुसंधान कार्यक्रम चलाया गया था। इस कार्यक्रम में 20 से अधिक निजी कृषि कंपनियों ने भी भाग लिया। इस पहल में आस-पास के किसान, खेतिहर मजदूर और महिला स्वयं सहायता समूह के सदस्यों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। इस कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थियों को कृषि वैज्ञानिकों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला, जिससे उन्हें आधुनिक खेती, प्रक्रिया उद्योग और पशुपालन प्रबंधन के बारे में व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त हुआ और वे सिद्धांत तथा व्यवहार को जोड़ पाए। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. अक्षय इंगोले, डॉ. भूषण ठाकरे, डॉ. गितांशु डिंकवार और डॉ. प्रविणा बरडे ने छात्रों का मार्गदर्शन किया।

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Mehul Chandrakant Maniyar
90396656609039665660
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