Wednesday, October 21, 2026
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मानवता, निष्ठा तथा विश्वास मनुष्य के जीवन से नदारद हो चुके हैं

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— नीतेश कराले ने अपने मार्गदर्शन में कहा।

मुल  ( मेहुल मनियार)
वर्तमान में मानवता खत्म हो रही है, उसी प्रकार निष्ठा तथा विश्वास शब्द भी खत्म होने की राह पर है, ऐसा विचार फिनिक्स अकैडमी वर्धा के संचालक नितेश कराले ने अपने मार्गदर्शन में व्यक्त किए।संतोष सिंह रावत मित्र परिवार द्वारा स्थानीय कन्नमवार सभागृह में मेधावी छात्रों के सत्कार एवं मार्गदर्शन कार्यक्रम मे वे बोल रहे थे।
सीडीसीसी बैंक के अध्यक्ष संतोष सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में नेवजाबाई हितकारिणी महाविद्यालय ब्रह्मपुरी के पूर्व प्राचार्य डॉ एन.एस.कोकोड़े, शिक्षण प्रसारक मंडल मूल के अध्यक्ष एड अनिल वैरागड़े, कृषि उपज बाजार समिति के सभापति राकेश रत्नावार, घनश्याम येनुरकर , गुरूदास गुरूनूले, सौ. ममता रावत आदि गणमान्य उपस्थित थे।

सुनील शेरकी ने समारोह की प्रस्तावना रखी। कराले ने आगे बताया कि, असफलता मिलने पर मनुष्यको आगे बढ़ने का मार्ग मिलता है। छात्रों ने अपना लक्ष्य तय कर, कड़ी मेहनत करने की उन्होंने अपील की।आगे कहा कि,जीवन में कभी भी अगर कुछ बुरा होता है तो समझ लेना की यह हमारे जीवन में आनेवाली अच्छाई का आगाज है इसीलिए कभी भी बुरा होने पर निराश नहीं होना चाहिए।जीवन में अन्य कार्यों की तुलना में पढ़ाई करना सबसे सरल बात होती है।आज के हालात में मनुष्य बनने के बारे में कोई भी सलाह देता नहीं,इसका उदाहरण पेश करते हुए उन्होंने कहा, जैसे एक गरीब किसान का बेटा विकट परिस्थितियों मे मेहनत करके एमपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर जब राजस्व विभाग मे पदस्थ होता है तब वहीं बेटा,किसी सरकारी कार्य हेतु अपने पास आए गरीब किसान से रिश्वत लेता है।वह अपने उन पुराने दिनों को भूल जाता है। यह मानसिकता बदलने की आवश्यकता है।बीता हुआ समय लौट कर नहीं आता, यह बात ध्यान में रखना जरूरी है। मोबाइल का गैर इस्तेमाल ना हो इस बारे में भी ध्यान देने की उन्होंने अपील की। इस अवसर पर कड़ी मेहनत के साथ पि.एस.आय पद के लिए ली गई एम पी एस सी परीक्षा मे सफलता पानेवाली कविता कुमरे को अतिथियों के हाथों सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर डॉ.कोकोडे ने 1989 में प्रथम सुपर कंप्यूटर बना उस बारे में विस्तृतता से जानकारी दी। देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी इन्होंने सुपर कंप्यूटर बनाने की तमन्ना रखी थी। आगे कहा की, प्रतिष्ठा, उन्नति और ज्ञान,परिश्रम द्वारा ही मिल पाता है। छात्रों ने अपने जीवन में समर्पण और बलिदान की भावना रखना जरूरी है, ऐसा कहा। इस अवसर पर संतोष सिंह रावत ने भी मार्गदर्शन किया। इस कार्यक्रम में डॉ.कोकोड़े, नितेश कराले, तथा एड वैरागडे इनका स्मृति चिन्ह,शाल तथा श्रीफल देकर सत्कार किया गया।कार्यक्रम का संचालन संजय पडोले ने किया। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राए तथा अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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Mehul Chandrakant Maniyar
90396656609039665660
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