श्रीराम पान्हेरकर ने अपने विचार व्यक्त किए
मूल
राजनीति में कई लोग आते हैं, और जाते हैं। इस क्षेत्र मे किसी भी व्यक्ति का एकाधिकार नहीं होता। लेकिन सुधीर मुनगंटीवार के बारे मे कहा जाय तो लगातार छह बार विजय हासिल करके, अब सातवीं बार वे चुनावी मैदान में है।
आजकल के चुनाव में कौन उम्मीदवार विजयि होगा, जिसके लिए मनी, माफिया, मैनपॉवर तथा मीडिया पर आधारित होता है। इन सभी बातों के अलावा जाती और धर्म से जुड़े चुनाव का भी मतदाताओं ने अनुभव लिया है। सुधीर मुनगंटीवार के कार्यालय में पधारने वाली हर बहनों को जितना सम्मान मिलता है, उतना कहीं पर भी नहीं मिलता, ऐसा चित्र देखा गया है। लेकिन लोकसभा चुनाव के वक्त मुनगंटीवार के प्रति व्यक्त हुई भावना से उन्हें ठेस पहुंची थी।
लोकसभा में यदि सुधीर मुनगंटीवार सफल होते तो शायद केंद्रीय मंत्रिमंडल में वे मंत्री बने रहते और इस क्षेत्र में विकास की गंगा अधिक गति से बहती। चंद्रपुर जिले के हमारी बहनों ने अब इस बात को ध्यान में रखना जरूरी है, कि मुनगंटीवार को जो भी मंत्री पद मिला उसका लाभ चंद्रपुर जिले के नागरिकों के लिए उन्होंने दिया है। नागरिकों के सेवा के प्रति उनका लगाव भुला नहीं जाएगा।
20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में मतदाता उनके विकासात्मक कार्यों को जरूर याद रखेंगे। हम नागरिकों को उच्च शिक्षित तथा अभ्यासन व्यक्तित्व के धनी रहे मुनगंटीवार की निश्चित रूप से जरूरत है। इसी कारणवश वे सातवीं बार चुनकर आएंगे, ऐसी आशा करना गलत नहीं होगा।
विजयी भव!
श्रीराम पान्हेरकर
सामाजिक कार्यकर्ता
चंद्रपुर




