Friday, August 21, 2026
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मूल के कृषि महाविद्यालय में स्वच्छता ही सेवा अभियान

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सहयोगी अधिष्ठाता डॉ विलास अतकरे का प्रयास 
मूल (  प्रा चंद्रकांत मनियार )
यहां के कृषि महाविद्यालय द्वारा हर गुरुवार को महाविद्यालय परिसर में साफ सफाई अभियान चलाया जा रहा है। हालही में इस महाविद्यालय में सहयोगी अधिष्ठाता का पदभार संभाले डॉ. विलास अतकरे की प्रयास से इस अभियान को महाविद्यालय के प्राध्यापक, व्याख्याताओं , सहायक रजिस्ट्रार के अधीन सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों और छात्रों ने चुनौती को बखूबी से निभा रहे हैं। पंचायत समिति, मूल प्रशासन ने इस कार्य के लिए निःशुल्क जे.सी.बी. उपलब्ध कराई, जिससे महाविद्यालय परिसर के आसपास उगी कंटीली झाड़ियों को हटाने में सहायता मिली।
विशेष रूप में कृषि महाविद्यालय में कृषि की शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को स्वच्छता का पाठ भी पढ़ाया जा रहा है। महाविद्यालय में डॉ. विलास अतकरे के मार्गदर्शन में”स्वच्छ ही सेवा” पहल के तहत महाविद्यालय और उसके अंतर्गत आने वाले विभिन्न विभागों के प्राध्यापकों और विद्यार्थियों को स्वच्छता अभियान में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। बताया जाता है कि,अब तक डॉ. वी. जी. अतकरे के नेतृत्व में महाविद्यालय में चार सौ से अधिक स्वच्छता कार्यक्रम चलाए जा चुके हैं। कहा जाता है कि,स्वच्छता एक क्रिया है जिससे हमारा शरीर, दिमाग, कपड़े, घर, आस पास और कार्यक्षेत्र साफ और शुद्ध रहते है. हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिये साफ – सफाई बेहद जरुरी है, अपने आस पास के क्षेत्रों और पर्यावरण की सफाई सामाजिक और बौद्धिक स्वास्थ्य के लिये बहुत जरुरी है.
उन्होंने पशुपालन एवं डेयरी विभाग में वर्ष 2017 से “स्वच्छ हो सेवा” अभियान की शुरुआत की गई। इसके तहत विभाग द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का क्रियान्वयन किया जा रहा है।

एक उद्यान बनाकर वहाँ आम, बेर और फूलों की विभिन्न प्रजातियों के लगभग तीन सौ पेड़ लगाए गए।

इस पहल को ध्यान में रखते हुए, अकोला के कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति ने विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले सभी महाविद्यालयों में स्वच्छता अभियान चलाया।
सफाई के साथ-साथ जैविक कचरे का प्रबंधन भी किया जाता है। पहल के दौरान कचरे से प्लास्टिक को अलग करके एकत्र जैविक कचरे को विशेष गड्ढों में विघटित करके उससे खाद तैयार की जाती है। इस खाद का उपयोग कॉलेज के बगीचे और पौधों के लिए किया जाता है।
इस पहल से न केवल परिसर की सफाई हो रही है, बल्कि छात्रों में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित हो रहा है, ऐसा कृषि महाविद्यालय के सहयोगी अधिष्ठाता डॉ. वी.जी.अतकरे, ने बताया है।
हर गुरुवार को सफाई अभियान चलाया जाता है। इसमें प्रोफेसर, अधिकारी, कर्मचारी और छात्र भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं।

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Mehul Chandrakant Maniyar
90396656609039665660
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