मूल ( मेहुल मनियार )
गोंडवाना विश्वविद्यालय गडचिरोली से संबद्ध तथा शिक्षण प्रसारक मंडल, मूल द्वारा संचालित कर्मवीर महाविद्यालय, में “स्मृतिगंध” के वार्षिक अंक का विमोचन समारोह उत्साहपूर्ण एवं यादगार माहौल में संपन्न हुआ।
शिक्षण प्रसारक मंडल के अध्यक्ष एड. अनिल वैरागड़े की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप में श्री संत गाडगे महाराज महाविद्यालय, हिंगणा नागपुर के डॉ.गणेश चौहान, सचिव शशिकांत धर्माधिकारी, प्रकाशक और महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अनीता वालके , पर्यवेक्षक प्रा. दिनेश बनकर, डॉ. गायकवाड़, प्रा. पडोले, नंदुरकर और मुख्य संपादक डॉ. क-हाडे आदि उपस्थित थे।
डॉ.चव्हाण ने अपने मार्गदर्शन में साहित्य का विषय हमारे चारों ओर है, उसे चुनकर साहित्य का सृजन किया जाना चाहिए।विद्यार्थियों को अधिक संवेदनशील बनने की आवश्यकता है, तभी एक आदर्श समाज का निर्माण हो सकता है, इसके लिए उन्हें शिक्षित और जागरूक होना होगा, वार्षिक पुस्तक विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता का दर्पण और उनकी संवेदनशीलता को दिशा देने वाला माध्यम है, ऐसा बताया।
इस कार्यक्रम के अवसर पर अध्यक्षीय भाषण के माध्यम से अपने विचार व्यक्त करते हुए एड. अनिल वैरागड़े ने कहा कि, महाविद्यालय जीवन केवल परीक्षा और अंकों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि विचारों के विकास और मूल्यों के संरक्षण का भी है। स्मृतिगंध उस यात्रा का सुगंधित खजाना है। उन्होंने कहा कि स्मृतिगंध वार्षिक अंक के माध्यम से विद्यार्थियों के विचार और भावनाएँ उभरकर सामने आई हैं।
छात्रों को प्रेरित करते हुए तथा वार्षिक पुस्तिकाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सचिव शशिकांत धर्माधिकारी ने मार्मिक वक्तव्य दिया कि ,वार्षिक पुस्तिका महाविद्यालय संस्कृति का प्रतिबिम्ब है तथा यदि हम समय के संकेतों को देखते हुए उस दिशा में कदम उठाएं तो निश्चित सफलता प्राप्त कर सकते हैं।





